टीआरपी डेस्क। दिल्ली समेत पूरे देश में आज से कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो चुकी है। राजधानी दिल्ली में 81 केंद्रों पर कोरोना टीकाकरण का महाअभियान शुरू किया गया। इसी कड़ी में सीरम इस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के CEO अदार पूनावाला ने भी कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड लगवाई है। उन्होंने ट्वीट कर इस बात की जानकारी साझा की है।

अपने ट्वीट में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और देश की जनता को बधाई देते हुए कहा, ‘मैं दुनिया के सबसे बड़े कोरोना टीकाकरण अभियान को लॉन्च करने में बड़ी सफलता मिलने की कामना करता हूं। यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है कि कोविशील्ड इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा है और इसकी सुरक्षा और प्रभावकारिता का समर्थन करने के लिए मैं खुद टीका लगवा रहा हूं।’

See also  NHRC का केंद्र और राज्यों को निर्देश, मृतकों के सम्मान की रक्षा के लिए बनाए जाएं विशेष कानून

अदर पूनावाला से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के मौजूदगी में एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया और नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल भी टीका लगवा चुके हैं। डॉक्टर रणदीप गुलेरिया कोरोना वैक्सीन लेने वाले तीसरे व्यक्ति बने। वहीं दिल्ली AIIMS में कोरोना की पहली वैक्सीन एक सैनिटेशन वर्कर मनीष कुमार को दी गई थी।

आज जिन्हें लगा टिका, 28 दिन बाद दी जाएगी वैक्सीन की दूसरी डोज

आज जिन लोगों को भी टीके लग रहे हैं उन्हें 28 दिन बाद वैक्सीन की दूसरी डोज दी जाएगी। जिसके बाद यह लोग कोरोना से सुरक्षित माने जाएंगे। पहले दिन भारत में हर सेशन साइट पर लगभग 100 लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। वैक्सीनेशन के पहले चरण में 3 करोड़ लोगों को टीका लगाया जाना है।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर…

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।