खेल डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket team) के खिलाड़ी शिखर धवन (Cricketer Shikhar Dhawan) मुश्किलों में पढ़ सकते हैं। गंगा नदी (Ganga Rever) में नौका विहार के दौरान प्रवासी पक्षियों को नाव पर दाना खिलाने का मामला अब कोर्ट पहुंच गया है।

इस मामले में क्रिकेटर शिखर धवन के खिलाफ उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के वाराणसी (Varanasi) के एक अधिवक्ता ने न्यायिक मजिस्ट्रेट (तृतीय) दिवाकर कुमार की अदालत में परिवाद दाखिल कर दिया है। वाराणसी की अदालत ने परिवाद की पोषणीयता (विचारण योग्य है या नहीं) इस पर सुनवाई के लिए आगामी छह फरवरी की तिथि नियत की है। यदि कोर्ट इसे विचारण के योग्य पाता है तो धवन के लिए ये चिंता विषय हो सकता है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वाराणसी जिले के बर्थराकला चौबेपुर निवासी राजा आनन्द ज्योति सिंह के अधिवक्ता सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है। परिवाद में कहा कि समाचार पत्रों से ज्ञात हुआ कि क्रिकेटर शिखर धवन ने सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम पर 23 जनवरी को गंगा नदी में प्रवासी पक्षियों को दाना खिलाने की तस्वीर पोस्ट की थी। जबकि बर्ड फ्लू आशंका में एहतियातन सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने दाना खिलाने पर रोक लगा दिया है, जिसका उल्लंघन शिखर धवन ने किया।

See also  रायपुर के व्यावसायिक सहकारी बैंक मर्यादित पर RBI ने लगाया जुर्माना, क्या ग्राहकों पर पड़ेगा असर?

नाविक पर लगा चालान

परिवाद में कहा गया है कि प्रशासन ने इस मामले में शिखर धवन का चालान न करके गंगा में सैर कराने वाले नाविक का चालान कर दिया गया। इतना ही नहीं गंगा में नौका संचालन पर भी रोक लगा दिया गया है। परिवाद में कहा गया है प्रशासन के आदेश का उल्लंघन क्रिकेटर शिखर धवन ने किया है। ऐसे में शिखर को तलब कर द‍ंडित किया जाना चाहिए।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर…

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।