नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट की पांच जनों की खंडपीठ ने अयोध्या कि विवादित जमीन पर रामलाल विराजमान के

दावे को मान लिया है।

 

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया कि वह तीन से चार महीने के भीतर सेंट्रल गवर्नमेंट ट्रस्ट की

स्थापना के लिए योजना बनाए और विवादित स्थल को मंदिर निर्माण के लिए सौंप दे।

 

अदालत ने यह भी कहा कि अयोध्या में पांच एकड़ वैकल्‍प‍िक जमीन सुन्नी वक्‍फ बोर्ड को प्रदान करे।

 

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच फैसला सुनाते हुए कहा कि सुन्नी सेंट्रल

वक्फ बोर्ड मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन दी जाए इसके लिए केंद्र सरकार तीन महीने में फैसला करें।

हर ताजा जानकारी के लिए बने रहे टीआरपी के साथ हम आपको हर अपडेप से अवगत कराते रहेंगे।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।