रायपुर। शिक्षा विभाग की कार्रवाई का अब असर दिखने लगा है। जो काम तीन माह से नोटिस जारी होने के बाद नहीं हुआ, वो सिर्फ तीन दिन में ही हो गया। निजी स्कूलों द्वारा फीस निर्धारण कमेटी का गठन किया जाने लगा है।

बता दें कि रिपोर्ट नहीं सौंपने पर पिछले दिनों 240 स्कूलों की मान्यता खत्म कर दी गई थी। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद लगभग 99 फीसदी स्कूलों ने स्कूल फ़ीस निर्धारण कमेटी बनाकर रिपोर्ट जमा कर दी है। अशासकीय विद्यालय फीस विनियामक अधिनियम की धज्जियां उड़ाने पर कार्रवाई की गई है।

जिला शिक्षा अधिकारी जीआर चंद्राकर ने बताया कि अशासकीय विद्यालय फीस विनियामक अधिनियम के तहत जारी आदेश का पालन नहीं करने पर रायपुर की 240 स्कूलों को मान्यता खत्म किया गया है। मान्यता ख़त्म होते ही तीन दिन का समय मांगा था, जिस पर ध्यान रखते हुए उनको तीन दिन का समय दिया गया था। इन तीन दिनों में तीन महीने में नहीं हुआ काम हो गया है। सभी स्कूलों ने समिति गठन कर रिपोर्ट सौंप दी है और कुछ ही स्कूल शेष है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।