रायपुर/बिलासपुर। तबीयत बिगड़ने पर मस्तूरी के क्वारंटाइन सेंटर से सिम्स लाए गए कोरोना संदिग्ध श्रमिक की शुक्रवार को मौत हो गई है। उसे सर्दी-खांसी, बुखार के साथ सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। उसके शव को मरच्युरी में सील कर दिया गया है। अब तक उसके सैंपल की रिपोर्ट नहीं मिली है।


20 मई को पुणे से लौटा था मस्तूरी का श्रमिक

मस्तूरी निवासी 45 वर्षीय श्रमिक 20 मई को पुणे से लौटा था। उसे जांच के बाद मस्तूरी में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया। उसी दिन उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर उसे सिम्स के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसे सर्दी-बुखार की शिकायत थी। साथ ही सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। और शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। सैंपल रिपोर्ट नहीं मिलने की वजह से मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं है। उसके शव को सील कर मरच्युरी में रखा गया है। साथ ही मरच्युरी में भी ताला लगाकर अंदर कोरोना संदिग्ध का शव होने की सूचना चस्पा कर दी गई है। सैंपल रिपोर्ट नेगेटिव आने पर शव परिजन को सौंपा जाएगा। वहीं, रिपोर्ट पॉजिटिव हुई तो गाइडलाइन के अनुसार शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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सैंपल की रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली

प्रभारी, सिम्स के कोरोना ओपीडी की प्रभारी डॉ. आरती पांडेय ने बताया कि मस्तूरी का श्रमिक 20 मई को पुणे से लौटा था। उसे मस्तूरी क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था। हालत बिगड़ने पर सिम्स में भर्ती किया। उसे सर्दी, बुखार, खांसी के साथ सांस लेने की तकलीफ हो रही थी। उसकी शुक्रवार की सुबह मौत हो गई है। उसके सैंपल की रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।