बनारस रेलवे स्टेशन
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टीआरपी डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे से पहले बुधवार शाम को वाराणसी को रेलवे से मिली बड़ी सौगात मिली। यहां के मंडुवाडीह स्टेशन को बनारस नाम दिया गया है। जिसके बाद स्टेशन पर मंडुवाडीह की जगह अब बनारस नाम के बोर्ड लग गए हैं। वहीं नए बोर्ड पर हिंदी, संस्‍कृत, अंग्रेजी और उर्दू में बनारस लिखा गया है।

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बता दें, मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बनारस करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। पिछले साल केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बनारस करने की मंजूरी दे दी थी। इसके नाम को लेकर सरकार में कई स्तरों पर जरूरी कार्रवाई पूरी की जा रही थी। रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिलते ही मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बनारस करने की कवायद तेज कर दी गई थी। इस स्टेशन का कोड BSBS मिला है। अब टिकटों पर भी बनारस नाम ही लिखा मिलेगा।

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दरअसल, वाराणसी में पहले से शहर के नाम ‘बनारस’ से कोई स्टेशन नहीं था। जबकि काशी और वाराणसी सिटी के नाम से तीन स्टेशन हैं। जिसके बाद अब बनारस नाम के स्टेशन की मांग पूरी हो गई। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन किया गया था। इसके बाद अब वाराणसी स्थित मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर वाराणसी रेलवे स्टेशन करने का फैसला किया गया था।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।