कोरोना के इलाज में गायत्री मंत्र का असर देखने के लिए होगा ट्रायल, सरकार करेगी मदद

टीआरपी डेस्क। विज्ञान मंत्रालय ने उस क्लिनिकल ट्रायल को आर्थिक मदद दी है, जिसमें पता लगाया जाएगा कि क्या गायत्री मंत्र का उच्चारण और प्राणायाम कोरोना से ठीक होने में लोगों की मदद कर सकते हैं। दरअसल, ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) एक ट्रायल कर रहा है, जिसमें महामारी के मध्यम लक्षण वाले मरीजों पर प्राणायाम और गायत्री मंत्र के असर को जांचा जाएगा। ट्रायल में यह देखा जाएगा कि क्या ये ठीक होने में मरीजों की मदद करते हैं।

20 मरीजों पर होगा ट्रायल

द हिंदू के अनुसार, AIIMS का यह ट्रायल ICMR की क्लिनिकल ट्रायल रजिस्ट्री में रजिस्टर हो चुका है और इसमें कोरोना के मध्यम लक्षणों वाले 20 मरीजों को शामिल किया जाएगा। ट्रायल के दौरान इन मरीजों को 10-10 के समूह में बांटा जाएगा। एक समूह को कोरोना का मानक इलाज दिया जाएगा और दूसरे को मानक इलाज के साथ-साथ 14 दिनों तक प्राणायाम कराया जाएगा। साथ ही ये 10 मरीज गायत्री मंत्र का भी उच्चारण भी करेंगे।

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ट्रायल में क्या-क्या जांचा जाएगा?

ट्रायल पूरा होने के बाद यह देखा जाएगा कि क्या प्राणायाम और मंत्र का उच्चारण करने वाले मरीजों की सेहत में दूसरे समूह से ज्यादा सुधार हुआ है या नहीं। इसमें खास ध्यान सूजन और सेल इंजरी पर रहेगा। इसके अलावा ट्रायल के बाद यह भी देखा जाएगा कि क्या प्राणायाम और गायत्री मंत्र लोगों की कोरोना से जल्दी ठीक होने में मदद करते हैं। बता दें, ट्रायल में गंभीर मरीजों को शामिल नहीं किया जा रहा है।

अगले दो-तीन महीने आएंगे नतीजे

AIIMS में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ रूचि दुआ ने कहा कि ट्रायल में यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या दूसरे समूह में शामिल मरीजों को प्राणायाम और मंत्र की मदद से थकान और बेचैनी दूर करने में सहायता मिली है या नहीं। उन्होंने कहा कि ट्रायल के लिए मरीजों की भर्ती शुरू हो चुकी है और योग में शोध करने वाला एक शोधकर्ता भी इसमें शामिल है। उन्होंने अगले दो-तीन महीनों में ट्रायल के नतीजे आने की उम्मीद जताई है।

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DST ने दिया तीन लाख रुपये का फंड

विज्ञान मंत्रालय के विज्ञान और प्रोद्यौगिकी विभाग (DST) ने इस ट्रायल के AIIMS को तीन लाख रुपये की फंड दिया है। DST पहले भी इस तरह कोरोना का वैकल्पिक इलाज ढूंढने वाले ट्रायल को आर्थिक मदद दे चुका है। बता दें कि दवाओं और वैक्सीन के साथ-साथ भारत में कोरोना के बिना लक्षण या हल्के लक्षणों वाले मरीजों को आयुर्वेदिक दवाएं भी दी जाती है और उन्हें योग भी करवाया जाता है।

देश में भयावह होते जा रहे हैं हालात

बीते कुछ हफ्तों से भारत महामारी की दूसरी और अधिक खतरनाक लहर का सामना कर रहा है, जिससे हालात भयावह होते जा रहे हैं। बीते दिन देश में कोरोना के 4,12,262 नए मामले सामने आए और 3,980 मरीजों की मौत हुई। महामारी की शुरुआत के बाद ये एक दिन में सामने आए सबसे ज्यादा नए मामले और मौतें हैं। इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 2,10,77,410 हो गई है। इनमें से 2,30,168 लोगों की मौत हुई है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।