सर्व आदिवासी समाज में दो फाड़, एक गुट ने छेड़ा सरकार के खिलाफ आंदोलन... पिछले चुनाव में थी बड़ी भूमिका

टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले सामाजिक संगठन छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज दो गुटों में बंट गया है। पूर्व सांसद सोहन पोटाई की अध्यक्षता वाले धड़े ने 19 जुलाई से राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा कर दी है।

वहीं ठीक दो दिन पहले दूसरे गुट ने सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी भारत सिंह की अध्यक्षता में एक नई कार्यकारिणी घोषित कर दी है।

जल्द ही समझ आएगा कौन है समाज के साथ- नेताम

सर्व आदिवासी समाज संरक्षक और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने कहा कि जल्दी ही समझ में आ जाएगा कि कौन लोग समाज के साथ हैं, उनके मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं। पहले घोषित कार्यकारिणी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बीएस रावटे ने कहा, सिलगेर, पदोन्नति में आरक्षण और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में आरक्षण रोस्टर के उल्लंघन जैसे मुद्दों पर हम लोगों ने आंदोलन घोषित किया है।

इधर नई कार्यकारिणी लाने वाले सर्व आदिवासी समाज के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बीपीएस नेताम ने दावा किया, अरविंद नेताम, नंद कुमार साय और सोहन पोटाई के गुट ने 21 फरवरी को नवा रायपुर के बंजारी धाम में हुई आम सभा में जबरदस्ती चुनाव की कोशिश की। उस दिन चुनाव रद्द हो गया। पंजीयक की सलाह पर 11 जुलाई को चुनाव रखा गया था। इसमें संगठन के संविधान का पालन किया गया है। चुनाव अधिकारियों पीआर नाइक व एनएस ठाकुर ने अलग – अलग पदों के लिए पृथक – पृथक नामांकन लिए। एक-एक पद के लिए सिंगल नामांकन ही मिले। इस वजह से जिन्होंने नामांकन भरे थे निर्वाचित घोषित किया गया। अब कार्यकारिणी की पूरी सूची पंजीयक को भेजने की तैयारी हो रही है। नेताम ने आरोप लगाया कि ये लोग समाज को बांटने का काम कर रहे हैं।

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ऐसी है पहले घोषित कार्यकारिणी

प्रांतीय अध्यक्ष – सोहन पोटाई – कांकेर से भाजपा सांसद रहे हैं।

कार्यकारी अध्यक्ष – बीएस रावटे- प्रशासनिक अधिकारी रहे हैं।

महासचिव – एनएस मंडावी – सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी।

कोषाध्यक्ष – फूल सिंह नेताम

सचिव – विनोद नागवंशी और जयपाल सिंह ठाकुर

महिला प्रभाग अध्यक्ष – सविता साय

युवा प्रभाग अध्यक्ष – सुभाष सिंह परते

यह है नई कार्यकारिणी

प्रांतीय अध्यक्ष – भारत सिंह – कोरबा निवासी हैं। सरगुजा आईजी, महासमुंद व धमतरी एसपी रह चुके हैं। कार्यकारी अध्यक्ष – मदन कोर्पे – रायपुर में वरिष्ठ जिला पंजीयक रहे। इंदौर, जबलपुर व सिहोर में रजिस्ट्री अधिकारी भी रहे।

महासचिव – एचएल नायक – बलरामपुर कलेक्टर, जशपुर व अंबिकापुर में जिला पंचायत सीईओ रह चुके हैं। कोषाध्यक्ष – फूलसिंह नेताम – रायपुर व बस्तर में अपर कलेक्टर रहे।

सचिव – वीएस आतराम – रायपुर निवासी। पूर्व बैंक अधिकारी हैं।

महिला प्रभाग अध्यक्ष – वंदना उइके – डॉ. वेदवती मंडावी की पुत्री व विधायक लक्ष्मी ध्रुव की बहन की बेटी। युवा प्रभाग अध्यक्ष – कुंदन सिंह ठाकुर – रायपुर निवासी हैं। शिक्षामंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम के करीबी है।

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चुनावी राजनीति में अहम है हिस्सा

बता दें कि प्रदेश की 32 प्रतिशत आबादी जनजातीय है। सर्व आदिवासी समाज की पिछले चुनाव में बड़ी भूमिका रह चुकी है। पिछले विधानसभा चुनाव में आदिवासी बहुल बस्तर व सरगुजा संभाग में भाजपा का सुपड़ा साफ हो गया था। दरअसल रमन सरकार के एक फैसले से आदिवासी वर्ग नाराज हो गया था। भू-राजस्व संहिता में प्रावधान है अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी व्यक्ति की जमीन किसी दूसरे को हस्तांतरित नहीं की जा सकती। गैर अनुसूचित इलाके में कलेक्टर की सहमति या हस्ताक्षर से हस्तांतरित की जा सकती है। तत्कालीन भाजपा सरकार ने इसमें बदलाव कर आपसी सहमति से सरकार को बेचने का प्रावधान कर दिया था। बाद में सरकार को विधानसभा में पारित हो चुका विधेयक वापस लेना पड़ा था।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।