जम्मू कश्मीर। जम्मू-कश्मीर(Jammu-Kashmir) से अगले कुछ दिनों में हटा दी जाएंगी पाबंदियां (Restrictions), मगर हम जम्मू-कश्मीर(Jammu-Kashmir) में आतंकियों को फिर सक्रिय नहीं होनें देंगे। शुक्रवार को ये बातें कश्मीर (Kashmir)में मीडिया पर लगे बैन को हटाने के लिए दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार (Central government)की ओर से मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम (Chief Secretary BVR Subramaniam) ने सुप्रीम कोर्ट (Suprime court) को बताई। उन्होंने आगे कहा कि सोमवार से सारे स्कूल खुल जाएंगे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभी भी सावधानियां बरती जा रही हैं। सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की जान की हिफाजत करना है। मीडिया कर्मियों के लिए भी पर्याप्त संख्या में पास जारी किए गए हैं। पाबंदियों की जमीनी स्तर पर समीक्षा की जा रही है।

मीडिया पर लगे बैन के दौरान दी सुप्रीम कोर्ट को जानकारी:
इससे पहले कश्मीर (Kashmir)में मीडिया पर लगे बैन (Ban on media) को हटाने के लिए दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अगले कुछ दिनों में कश्मीर से पाबंदियां हटा दी जाएंगी। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, ‘जमीनी हकीकत का रोजाना जायजा लिया जा रहा है और सुप्रीम कोर्ट को सुरक्षा एजेंसियों पर भरोसा करना चाहिए।’

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किसने दायर की थी ये याचिका:
यहां हम आपको ये भी बता दें कि कश्मीर टाइम्स की एक्जिक्यूटिव एडिटर अनुराधा भसीन ने धारा 370 के हटने के बाद घाटी में कामकाजी पत्रकारों पर लगी पाबंदियों को चुनौती दी थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने सुनवाई करते हुए कहा, ‘हमने सुबह पेपर में पढ़ा है कि लैंडलाइन सर्विस शुरू ही गई है। इस पर अनुराधा भसीन की ओर से कहा गया है कि सिर्फ कुछ लैंडलाइन चालू हैं।


क्या कहती है केंद्र सरकार:
इस पर मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम (Chief Secretary BVR Subramaniam) ने केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि कश्मीर टाइम्स जम्मू से छपता है दिन पर दिन सेवाएं शुरू हो रही हैं। हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि इनका अखबार रोज छप रहा है। सुरक्षा एजेंसी रोजाना नजर रख रही हैं। हालात का जायजा लिया जा रहा है। कोर्ट को एजेंसियों पर भरोसा करना चाहिए। कुछ दिन में हालात सामान्य हो जाएंगे। सभी न्यूज पेपर रिलीज हो रहे हैं आखिर कश्मीर टाइम्स क्यों नहीं? हम रोज ही थोड़ा-थोड़ा कर के बैन हटा रहे हैं? हर रोज हम परिस्थितियों को देखकर ढील दी रहे हैं। इसके लिए तमाम प्रयास जारी हैं। इन दिनों घाटी में किसी की भी जान हमले में नहीं गई।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।