कोरोना के खिलाफ गेमचेंजर साबित हो सकता है ये नेजल स्प्रे, कंपनी ने मांगी आपातकालीन उपयोग की मंजूरी
कोरोना के खिलाफ गेमचेंजर साबित हो सकता है ये नेजल स्प्रे, कंपनी ने मांगी आपातकालीन उपयोग की मंजूरी

टीआरपी डेस्क। कनाडा स्थित दवा फर्म सैनोटाइज ने अपने नाइट्रिक ऑक्साइड नेजल स्प्रे के उपयोग के लिए यूनाइटेड किंगडम और कनाडा से आपातकालीन स्वीकृति मांगी है। कनाडा की कंपनी सैनोटाइज ने दावा किया है कि उसने ऐसा नेजल स्प्रे बनाया है जो 99.99 फीसदी कोरोना वायरस को खत्म कर देता है। कंपनी का दावा है कि उनका ये स्प्रे कोरोना से बीमार लोगों के इलाज का वक्त कम कर देगा।

स्प्रे से 99.99% कोरोना वायरस खत्म

ब्रिटिश सरकार के पूर्व मंत्री, रॉब विल्सन, (जो ब्रिटेन में सैनोटाइज का प्रतिनिधित्व करते हैं) को उम्मीद है कि यह नाक स्प्रे कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। उनका कहना है कि, जो लोग कोरोना संक्रमित पाए जाते हैं, वे इस स्प्रे को एक इलाज के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। हमने एनएचएस अस्पताल में दो चरणों का ट्रायल किया है। यूके में हुए परीक्षण से पता चला है कि यह 24 घंटे के बाद नाटकीय रूप से वायरल लोड को 95 प्रतिशत कम कर देता है और 48 घंटे के बाद 99.9 प्रतिशत वायरस चला जाता है।

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यह स्प्रे मरीजों को खुद ही अपनी नाक में करना होता है

कंपनी के प्रतिनिधि ने कहा कि नाक के स्प्रे का तत्काल प्रभाव पड़ता है और इससे लोगों को कोरोना के लक्षणों से निपटने में मदद मिलती है और वे जल्दी ठीक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि, हमने ब्रिटेन और कनाडा दोनों में आपातकालीन अनुमोदन के लिए आवेदन किया गया है। हमें विश्वास है कि इसका उपयोग निवारक दवा के रूप में भी किया जाएगा। कंपनी का दावा है कि, यह स्प्रे मरीजों को खुद ही अपनी नाक में करना होता है और यह नाक में ही वायरल लोड को कम कर देता है। इससे न तो वायरस पनप पाता है और न ही फेफड़ों में जाकर नुकसान पहुंचा पाता है।

दूसरे चरण के ट्रायल पास हुआ स्प्रे

नेजल स्प्रे के पहले चरण का ट्रायल 11 जनवरी को एशफोर्ड और सेंट पीटर के अस्पतालों एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट में शुरू हुआ। इस उपचार को सैनोटाइज रिसर्च एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा विकसित किया गया है। कनाडा में फेज-2 क्लिनिकल ट्रायल्स के दौरान 103 लोगों की नाक में स्प्रे किया गया। कोई भी कोविड-19 पॉजिटिव नहीं निकला। UK फेज-2 NHS क्लिनिकल ट्रायल्स में 70 लोग शामिल थे। सभी कोविड-19 इन्फेक्टेड थे। जिनकी नाक में स्प्रे किया गया, उनके मुकाबले स्टडी में शामिल अन्य लोगों में 16 गुना ज्यादा वायरल लोड मिला है। इससे पहले कनाडा में हुए ट्रायल्स में 7,000 मरीजों पर टेस्ट हुआ था। किसी भी मरीज को गंभीर साइड इफेक्ट्स का सामना नहीं करना पड़ा।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।