टीआरपी इंटरनेशनल : “पृथ्वी बदल रही है, और कैसे? यह उपग्रह हमे इसे समझने में मदद करेगा” यह कहना है नासा के अर्थ साइंस डिवीजन के निदेशक, Karen St Germain का, उन्होंने यह बात एक संयुक्त अमेरिकी-यूरोपीयन उपग्रह, सेंटिनल -6 माइकल फ्रीइलिच के लिए कहा है।

वैश्विक समुद्र स्तर की निगरानी के लिए बनाया गया माइकल फ्रीइलिच, 21 नवंबर, 2020 को कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग एयरफोर्स बेस ( Vandenberg Air Force Base ) के स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स 4 ई ( Space Launch Complex 4E ) से एक स्पेसएक्स फाल्कन 9 (
SpaceX Falcon 9 rocket ) रॉकेट पर लॉन्च किया गया।

सेंटिनल -6 माइकल फ्रीलीच ( Sentinel-6 Michael Freilich ) जो कथित तौर पर एक छोटे पिकअप ट्रक के आकार के बराबर है। यह सैटेलाइट समुद्री स्तर की निगरानी करते हुएआने वाले लगभग 30 वर्षों का निरंतर डेटा तैयार करेगा।

यह उपग्रह अमेरिका और यूरोपीय उपग्रहों के निरंतर सहयोग से बड़े पैमाने पर मौसम के पूर्वानुमान की विस्तृत जानकारी भी प्रदान करेगा। साथ ही तटरेखा के पास गुजर रहें जहाज़ों के नेविगेशन में भी सहायक साबित होगा।

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करेन सेंट जर्मेन ने कहा : पूरी दुनिया की बदलती रूप रेखा विश्व स्तर पर समुद्र के स्तर को प्रभावित कर रही हैं, लेकिन स्थानीय समुदायों पर इसका प्रभाव व्यापक रूप से अलग होता है। इन परिवर्तनों को समझने और दुनिया भर के तटीय समुदायों को सूचित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिलकर काम करने बहुत महत्वपूर्ण है,”।

सही सलामत पहुंचा पृथ्वी की कक्षा में

नासा के अनुसार, अंतरिक्ष यान रॉकेट के दूसरे चरण से सही सलामत अलग होकर पृथ्वी की कक्षा में पहुंच गया और पहुंचने के बाद अपने दोनों सोलर पैनल को खोल लिया, नासा ने यह भी बताया की ग्राउंड कंट्रोलरों ने उपग्रह के सिग्नल को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है। प्रारंभिक टेलीमेट्री रिपोर्ट के अनुसार अंतरिक्ष यान अच्छी स्थिति में है।

सेंटिनल -6 माइकल फ्रीलिच अब जाँच की एक श्रृंखला से गुजरने के बाद कुछ महीनों में विज्ञान डेटा एकत्र करना शुरू कर देगा ।

विशेष रूप से, अंतरिक्ष यान का नाम माइकल फ्रीलीच के नाम पर रखा गया है, जिनका अगस्त 2020 में निधन हो गया था और वह नासा के पृथ्वी विज्ञान प्रभाग के पूर्व निदेशक थे। अंतरिक्ष से समुद्र के अवलोकन को आगे बढ़ाने में फ्रीलीच एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे।

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नासा ने कहा कि सेंटिनल -6 माइकल फ्रीलीच समुद्र स्तर के रिकॉर्ड को जारी रखेगा जो 1992 में TOPEX / पोसिडॉन उपग्रह के साथ शुरू हुआ और जेसन -1 (2001), OSTM / जेसन -2 (2008) और जेसन-3 ( Jason-1 (2001), OSTM/Jason-2 (2008), and eventually, Jason-3 ) के साथ जारी रहा। जो 2016 से महासागरों का अवलोकन कर रहा है।

नासा ने कहा, “सेंटिनल -6 माइकल फ्रिलिच 2025 में, दो उपग्रहों के बीच कम से कम 10 वर्षों के मौजूदा जलवायु रिकॉर्ड का जानकारी इकठ्ठा करते हुए, अपने जुड़वां, सेंटिनल -6 बी में बैटन को पारित करेगा।”

महत्वपूर्ण साबित होगा इस उपग्रह का डेटा : एलेन राटियर

एलेन राटियर,यूरोपीय संगठन के महानिदेशक (ईयूएमएएसएटीएस) ने कहा “मौसम संबंधी निगरानी और मौसम पूर्वानुमान के लिए इस उपग्रह का डेटा, सटीकता के साथ बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा,” ( Alain Ratier, the Director-General of the European Organisation for the Exploitation of Meteorological Satellites (EUMETSAT). )।

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रैटियर ने यह भी कहा की, “ये डेटा, जो केवल अंतरिक्ष से प्राप्त किए जा सकते हैं, दुनिया भर के लोगों के लिए बहुत काम के साबित होंगे जो समुद्र के स्तर की अधिक समझ से तूफान के रास्तों की सटीक भविष्यवाणी कर सुरक्षित समुद्र यात्रा करने में मददगार होगा ।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।