वुहान/नई दिल्ली। चीन के वुहान से निकला कोरोना वायरस पूरी ​दुनिया के लिए जानलेवा बना हुआ है, वहीं इस वायरस के संक्रमण फैलाने की खुद की क्षमता से जीव वैज्ञानिक भी चकित है।

रिसर्चकर्ता भी हैरान

चीन की झेजियांग यूनिवर्सिटी ने शोधकर्ता प्रो. लांजुआन का दावा है कि उन्होंने कोरोनावायरस का सबसे खतरनाक स्ट्रेन खोजा है। उनका कहना है कि कोरोनावायरस में खुद को तेजी से बदलने (म्यूटेट) की क्षमता है, अब तक इसकी इस खासियत को कमतर आंका गया है। चीन में 11 मरीजों पर हुई स्टडी में इस वायरस का सबसे खतरनाक रूप मिला है। प्रो. लांजुआन चीन के जाने माने वैज्ञानिक हैं। वे पहले वैज्ञानिक हैं जिन्होंने बताया था वुहान से दुनियाभर में महामारी फैल सकती है और यहां लॉकडाउन करना सबसे जरूरी है।

खुद में बदलाव में सक्षम है कोविड-19 वायरस

चीन के मरीजों में मिला खतरनाक स्ट्रेन: प्रो. लांजुआन के मुताबिक, लैब में जो कोरोनावायरस के रूप देखे गए, वे अब तक खोजे गए इसके दूसरे स्ट्रेन से खतरनाक हैं। कोरोनावायरस खुद को तेजी से बदलता है और संक्रमण का तरीका भी। शोधकर्ताओं को इस बात की जानकारी तब मिली जब वे चीन के हॉन्गझाउ प्रांत कोरोना से संक्रमित मरीजों पर शोध कर रहे थे।

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नया स्ट्रेन यूरोप में मिले कोरोना जैसा

शोधकर्ताओं ने मरीजों के शरीर से कोशिकाएं लीं और उस पर वायरस के नए स्ट्रेन का असर देखा। उन्होंने पाया कि वायरस का यह स्ट्रेन संक्रमण के अलावा मौत की वजह भी बन सकता है। शोध में शामिल 11 मरीजों में वायरस का जो स्ट्रेन मिला है यह यूरोप में मिले कोरोना के स्ट्रेन जैसा ही है। एक और स्ट्रेन मिला है जो कम खतरनाक है। यह अमेरिका के कोरोना के सबसे कम संक्रमित क्षेत्र में पाया जाने वाले स्ट्रेन जैसा है।

वैक्सीन और स्ट्रेन दोनों को समझना जरूरी

रिसर्च टीम का कहना है कि जितना जरूरी है वैक्सीन तैयार करना उतना ही अहम है उसके बदलते रूपों के कारण पड़ने वाले असर को समझना। दुनियाभर में इस वायरस का सबसे बुरा असर अमेरिका, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में हुआ है। जर्मनी और न्यूजीलैंड उन देशों में शामिल हैं जहां संक्रमण के मामले कम मिले। वहीं स्वीडन में संक्रमण और मौत दोनों के ही मामले कम रहे हैं।

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कोरोना सिंगल म्यूटेशन में रहेगा तो इस हराना आसान

भारत में कोरोनावायरस सिंगल म्यूटेशन में पाया गया है। काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च के विशेषज्ञ डॉ. सीएच मोहन राव के मुताबिक, भारत में कोरोनावायरस सिंगल म्यूटेशन में है। इसका मतलब है कोरोनावायरस अपना रूप नहीं बदल पा रहा है। अगर ये सिंगल म्यूटेशन में रहेगा तो जल्दी खत्म होने की संभावना है। अगर वायरस का म्यूटेशन बदलता है तो खतरा बढ़ेगा और वैक्सीन खोजने में भी परेशानी होगी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।