भारत सरकार से पंगा लेना Twitter को पड़ा भारी, चार महीने में टूटे करीब 25% शेयर
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टीआरपी डेस्क। सोशल नेटवर्किंग साइट Twitter का भारत सरकार से लगातार टकराव काफी भारी पड़ रहा है। पिछले चार महीने में इस अमेरिकी कंपनी के शेयर करीब 25 फीसदी टूट गए हैं। वहीं अमेरिका के न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में बुधवार को ट्विटर का शेयर करीब आधा फीसदी टूटकर 59.93 अमेरिकी डॉलर पर बंद हुआ।

हालांकि इस साल 26 फरवरी को ट्विटर के शेयर 52 हफ्ते की ऊंचाई 80.75 डॉलर पर पहुंच गए थे। लेकिन इसके बाद से अब तक इसमें करीब 25.78% ​की गिरावट आई है। ट्विटर की बाजार पूंजी घटकर 47.64 अरब डॉलर रह गई है।

सोशल मीडिया, OTT प्लेटफॉर्म के लिए New IT rule

इस साल 25 फरवरी को मोदी सरकार ने सोशल मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म के लिए न्यू आईटी रूल के तहत नई आचार संहिता बनाई। तब तक ट्विटर के शेयरों पर कोई असर नहीं हुआ था और 26 फरवरी को इसके शेयर 52 हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंच गए। लेकिन भारत सरकार से टकराव जारी रहने की वजह से इसके शेयर संभल नहीं पाए और 13 मई को टूटकर 50.11 डॉलर के निचले स्तर पर पहुंच गए। इसके बाद 5 जून को भारत सरकार ने ट्विटर को एक फाइनल नोटिस भेजा था कि वह उसके नई आईटी रूल को फॉलो करे।

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भारत में Twitter की कानूनी सुरक्षा खत्म

गौरतलब है कि भारत सरकार ने आईटी नियमों में बदलाव किया है। जिसके मुताबिक अब ट्विटर को भारत में कानूनी सुरक्षा खत्म हो गई है। गत 16 जून को Twitter ने भारत में मिला कानूनी संरक्षण खो दिया है और अब इस पर किसी भी थर्ड पार्टी कंटेंट (किसी भी यूजर द्वारा पोस्ट किया गया कंटेंट) के लिए IPC के तहत एक्शन लिया जा सकता है। फेक न्यूज पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।

पहले भी Twitter को दिया गया नोटिस 

इसके अलावा पिछले साल 13 नवंबर को जब भारत सरकार ने ट्विटर को एक नोटिस भेजकर इस बात पर आपत्ति की थी कि उसने लेह को लद्दाख की जगह जम्मू-कश्मीर का हिस्सा क्यों दिखाया। इसके बाद सोशल मीडिया पर #BanTwitter ट्रेंड होने लगा था। इसके बावजूद इसके शेयर फरवरी तक चढ़ते रहे। वहीं भारत सरकार ने Twitter को एक नोटिस भी भेजा था जिसमें किसान आंदोलन समर्थक कई अकाउंट को बैन करने के लिए कहा गया था।

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सरकार ने कहा था कि ITAct एक्ट के section 69A के तहत यदि ट्विटर ने मानकों का पालन नहीं किया तो उसे इसका नतीजा भुगतना पड़ेगा। साथ ही सरकार ने 8 फरवरी को ट्विटर को ऐसे 1,178 अकाउंट को हटाने को कहा था। जो खालिस्तान समर्थक हैं या जिनको पाकिस्तान के सहयोग से चलाया जा रहा है लेकिन ट्विटर ने इस नोटिस का जवाब ही नहीं दिया।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।