एक साल के दौरान बैंकिग सेंक्टर में आई बेरोजगारी... सरकारी बैंकों के 2 हजार से ज्‍यादा ब्रांच बंद हुए, RTI में हुआ खुलासा
एक साल के दौरान बैंकिग सेंक्टर में आई बेरोजगारी... सरकारी बैंकों के 2 हजार से ज्‍यादा ब्रांच बंद हुए, RTI में हुआ खुलासा

टीआरपी डेस्क। पिछले वित्‍त वर्ष में 10 सरकारी बैंकों के कुल 2,118 ब्रांच हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं। एक आरटीआई रिप्‍लाई में इस बारे में जानकरी मिली है। इसमें सबसे ज्‍यादा संख्‍या में बैंक ऑफ बड़ौदा के ब्रांच हैं। वित्‍त वर्ष 2020-21 के दौरान इस बैंक के 1,283 ब्रांच बंद हुए हैं। इनमें कुछ ब्रांच बंद न करके मर्ज कर दिए गए हैं। एक्टिविस्‍ट चंद्रशेखर गौड़ ने यह आरटीआई फाइल की थी।

दो सरकरकी बैंक ऐसे भी हैं, जिनका एक भी ब्रांच पिछले वित्‍त वर्ष के दौरान नहीं बंद हुआ है। इन बैंकों का नाम बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक है। बता में पिछले वित्‍त वर्ष में केंद्र सरकार ने 4 बैंकों में कुल 10 बैंकों के विलय प्रक्रिया को पूरा किया है। इस प्रकार देश में राष्‍ट्रीय सरकारी बैंकों की संख्‍या 12 हो चुकी है।

अर्थव्‍यवस्‍था और बैंकिंग इंडस्‍ट्री के लिए ठीक नहीं कम बैंक

एक मीडिया रिपोर्ट में ऑल इंडिया बैंक एम्‍पलॉई एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सी एच वेंकटचलम के हवाले से कहा गया है कि पब्लिक सेक्‍टर बैंकों की संख्‍या कम होना न तो देश के बैंकिंग इंडस्‍ट्री के लिए ठीक है और न ही घरेलू अर्थव्‍यवस्‍था के लिए।

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भविष्‍य में बैंकिंग इंडस्‍ट्री में नये मौकों को लेकर चिंता बढ़ी

उन्‍होंने कहा कि देश की आबादी के लिहाज से बैंकों के ब्रांचों की संख्‍या बढ़ाने की जरूरत है। बैंकों ब्रांच कम होने से बैंकिंग सेक्टर में रोजगार के अवसर कम होंगे। हालांकि, इन बैंकों के मर्जर के ऐलान के दौरान सरकार ने कहा था कि सभी बैंकों के कर्मचारियों के हितों का ध्‍यान रखा जाएगा। मर्जर की वजह से किसी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। लेकिन अब भविष्‍य में बैंकिंग इंडस्‍ट्री में मिलने वाले मौके कम होने को लेकर भी युवाओं में चिंता है।

इन 10 बैंकों का हुआ विलय

गौरतलब है कि पिछले वित्‍त वर्ष में ही अब तक के सबसे बड़े विलय के साथ आगे बढ़ते हुए सरकार ने 10 बैंकों को मिलाकर 4 बैंक कर दिया है। इसके तहत पंजाब नेशनल बैंक में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय कर दिया गया है। इसी प्रकार केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक को मिलाया गया है। यूनियन बैंक में आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का विलय हुआ है। इसी प्रकार इंडियन बैंक में इलाहाबाद बैंक का विलय किया गया है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।