नई दिल्ली। सरकार की वेबसाइट से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Former Prime Minister Manmohan Singh) के कार्यकाल के दौरान उच्च जीडीपी वृद्धि दिखाने वाली रिपोर्ट को हटाने के बाद मामला सुर्ख़ियों में आ गया है। राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर क्यों सरकार ने उच्च जीडीपी वृद्धि वाली रिपोर्ट को वेबसाइट से हटा दिया?

इस कार्यकाल में था सर्वाधिक वृद्धि का आंकड़ा

बता दें कि देश की आर्थिक वृद्धि दर का आंकड़ा वित्‍त वर्ष 2006-07 में 10.08 प्रतिशत रहा, जो कि उदारीकरण शुरू होने के बाद का सर्वाधिक वृद्धि का आंकड़ा है। यह आंकड़ा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल का है। आधिकारिक आंकड़ों में इस बात की जानकारी दी गई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग द्वारा गठित ‘कमेटी ऑफ रियल सेक्टर स्टेटिक्स’ ने पिछली श्रृंखला (2004-05) के आधार पर जीडीपी आंकड़ा तैयार किया है।

वेबसाइट पर पहले जारी फिर डिलीट

बाकायदा यह रिपोर्ट सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी भी की गई थी, लेकिन हाल ही में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के कार्यकाल में उच्च जीडीपी वृद्धि दर्शाने वाली इस रिपोर्ट को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की वेबसाइट से हटा दिया गया है।

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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान पुरानी श्रृंखला वित्‍त वर्ष 2004-05 के तहत सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर स्थिर मूल्य पर 2006-07 में 9.57 प्रतिशत रही. वहीँ नई श्रृंखला 2011-12 के तहत यह वृद्धि दर संशोधित होकर 10.08 प्रतिशत बताया गया।

कांग्रेस ने ट्विटर पर जाहिर की थी ख़ुशी

इस रिपोर्ट के बाद कांग्रेस पार्टी ने ट्विटर पर ख़ुशी जाहिर करते हुए लिखा था कि जीडीपी श्रृंखला पर आधारित आंकड़ा अंतत: आ गया है। यह साबित करता है कि संप्रग शासन के दौरान (औसतन 8.1 प्रतिशत) की वृद्धि दर मोदी सरकार के कार्यकाल की औसत वृद्धि दर (7.3 प्रतिशत) से अधिक रही।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।