टीआरपी डेस्क। आने वाले दिनों में एटीएम से पांच हजार रुपये से ज्यादा की राशि निकालने पर आपको अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। ये आपके मुफ्त पांच ट्रांजैक्शन में शामिल नहीं होगा, इसके लिए आपको अलग से राशि का भुगतान करना होगा। यह तभी लागू होगा जब आप एटीएम से पांच हजार से ज्यादा की राशि निकालेंगे। 

देने पड़ सकते हैं 24 रुपये तक

एक बार में पांच हजार से ज्यादा की राशि निकालने पर किसी ग्राहक को 24 रुपये तक देने पड़ सकते हैं। मौजूदा समय में एटीएम से पांच मुफ्त ट्रांजैक्शन की जा सकती है, इसके बाद अगर उसी महीने में और ट्रांजैक्शन की जा रही हैं तो छठे ट्रांजैक्शन पर 20 रुपये लगते हैं। 

समिति ने अपनी सिफारिशें सौंप दी

दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक की एटीएम शुल्क की समीक्षा के लिए गठित की गई समिति ने अपनी सिफारिशें सौंप दी हैं। इसके आधार पर बैंक आठ साल बाद एटीएम शुल्क में बदलाव कर सकते हैं। मध्यप्रदेश के एसएलबीसी समन्वयक एसडी माहुरकर के मुताबिक समिति ने दस लाख से कम आबादी वाले शहरों में एटीएम से लेन-देन बढ़ाने पर जोर दिया है।

समिति ने छोटे ट्रांजैक्शन को ही फ्री ट्रांजैक्शन में रखा

यहां ज्यादातर लोग छोटी-छोटी राशि निकालते हैं, इसलिए समिति ने छोटे ट्रांजैक्शन को ही फ्री ट्रांजैक्शन में रखा है। छोटे शहरों में ग्राहकों को दूसरे बैंकों के एटीएम पर हर महीने छह बार पैसा निकालने की छूट मिलेगी। अभी छोटे शहरों में केवल पांच बार ही पैसा निकाला जा सकता है।

महानगरों में ग्राहकों को एक महीने में एटीएम से तीन बार पैसा निकालने की छूट

मुंबई, दिल्ली और बंगलूरू जैसे महानगरों में ग्राहकों को एक महीने में एटीएम से तीन बार पैसा निकालने की छूट है, इसके बाद चौथी बार पैसा निकालने पर अतिरिक्त शुल्क लगता है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।