रायपुर। सोनहत विकासखंड के अंतर्गत ग्राम घुघरा और पुसला के गौठान के मल्टीयूटिलिटी सेंटर में महिलाएं फ्लाई ऐश ईंट, फेसिंग पोल, चैन लिंक फेसिंग एवं पेवर ब्लॉक टाइल्स आदि का निर्माण कर रही हैं।

इतना ही नहीं निर्मित सामानों के विक्रय हेतु महिलाएं मार्केटिंग स्किल को भी बखूबी समझ रही हैं। इसके माध्यम से महिलाएं ना सिर्फ आर्थिक रुप से सक्षम हो रही हैं बल्कि उनमें व्यवसायिक समझ भी विकसित हो रही है। इस प्रकार कोरिया जिले के गौठान महिलाओं के लिए आजीविका के साधन बन रहे हैं।

कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के अंतर्गत ग्राम घुघरा और पुसला के गौठान में निर्मित मल्टीयूटिलिटी सेंटर का उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा 11 दिसंबर को उनके कोरिया प्रवास के दौरान किया गया था। मुख्यमंत्री ने कोरिया जिले के मल्टीयूटिलिटी सेंटर की ना केवल तारीफ की बल्कि अन्य जिलों को भी इसी तरह की पहल के लिए प्रोत्साहित किया था।

इस सेंटर में 17 महिला स्व सहायता समूहों द्वारा फ्लाई एस, ब्रिक मेकिंग, पेवर ब्लॉक, चप्पल निर्माण, कृषि उपकरण केंद्र, जैविक दवाई केंद्र, राईस मिल, ई-रिक्शा जैसी आर्थिक गतिविधियों का काम चल रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव एवं गोधन न्याय योजना के संयुक्त रूप से गांवों के विकास और उन्नति की इबारत लिखी जा रही है।

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राज्य शासन की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गौठानों को स्वावलंबी बनाने हेतु गोबर से वर्मी कम्पोस्ट व अन्य उत्पाद स्व-सहायता समूहों के माध्यम से तैयार कराकर स्व-अर्जित आय का स्त्रोत बढ़ाते हुए आदर्श गौठान के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में कोरिया जिले के गौठानों में मल्टीयूटिलिटी सेंटर बने हैं। जिनकी चौतरफा तारीफ हो रही है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के कृषि विभाग द्वारा पत्र जारी कर प्रदेश भर के गौठानों में कोरिया जिले की तर्ज पर ही मल्टीयूटिलिटी सेंटर के निर्माण का निर्देश दिया गया है। मल्टीयूटिलिटी सेंटर के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की आजीविका से संबंधित विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का संचालन कर गौठानों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं।

जिले में 136 ग्रामीण क्षेत्रों एवं 07 नगरीय निकायों के गौठानों में अब तक 2 लाख क्विंटल से अधिक गोबर की खरीदी की जा चुकी हैं तथा 3 करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान भी विक्रेताओं को किया जा चुका है। इस सेंटर में फैंसिग पोल निर्माण से स्व सहायता समूहों को 34 लाख एवं चैनलिंक फैंसिंग से 27 लाख रुपए की आमदनी हुई है। ग्राम घुघरा की महिला स्व सहायता समूहों द्वारा प्रतिदिन 4 हजार ईंटों का निर्माण किया जा रहा है, जिसे 3 रुपए प्रति ईंट की दर से बेचा जाता है। अब तक 50 हजार ईंटों का विक्रय समूह द्वारा किया जा चुका है। इसी तरह चप्पल निर्माण से महिलाओं को 1 लाख 35 हजार रुपए की आमदनी हुई है। गौठानों में प्राप्त गोबर से अब तक 24 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट का निर्माण किया जा चुका है। जिसमें से 15 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट का विक्रय किया गया है। इसके जरिए ग्राम घुघरा के समूह को 15 हजार रुपए का लाभ हुआ है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।