Allahabad High Court decision on parole of Atiq Ahmed sons Umar and Ali Ahmed
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अतीक अहमद के बेटों उमर और अली अहमद की पैरोल अर्जी मंजूर की।

Umar Ali’s parole: माफिया अतीक अहमद के बेटे मोहम्मद उमर और अली अहमद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने दोनों की पैरोल अर्जी मंजूर कर ली है। अब उमर और अली अपने छोटे भाई आबान के जनाजे और अंतिम संस्कार में शामिल हो सकेंगे।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पैरोल देते हुए कुछ शर्तें भी तय की हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि पैरोल अवधि के दौरान दोनों मीडिया से किसी तरह की बातचीत नहीं करेंगे।

बहन की ओर से दाखिल की गई थी पैरोल अर्जी

मोहम्मद उमर और अली अहमद की ओर से आबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल की मांग की गई थी। यह अर्जी अतीक अहमद की बहन परवीन कुरैशी की ओर से दाखिल की गई थी, जिन्होंने एहजम और आबान की कस्टडी ली थी। पैरोल अर्जी अधिवक्ता सैयद सफदर अली काजमी और शादाब अली के माध्यम से दाखिल की गई थी।

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डिवीजन बेंच ने मंजूर की अर्जी

इलाहाबाद हाईकोर्ट की जस्टिस अजय भनोट और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की डिवीजन बेंच ने पैरोल अर्जी पर सुनवाई करते हुए इसे मंजूर कर लिया। कोर्ट के आदेश के बाद दोनों भाई अब तय शर्तों के तहत आबान के जनाजे में शामिल हो सकेंगे।

FAQs

1. मोहम्मद उमर और अली अहमद को पैरोल क्यों मिली?

दोनों को अपने छोटे भाई आबान के जनाजे और अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल दी गई है।

2. पैरोल किस अदालत ने मंजूर की?

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पैरोल अर्जी मंजूर की है।

3. पैरोल के दौरान कौन सी शर्त लगाई गई है?

कोर्ट ने निर्देश दिया है कि पैरोल अवधि के दौरान दोनों मीडिया से बातचीत नहीं करेंगे।

4. पैरोल अर्जी किसकी ओर से दाखिल की गई थी?

पैरोल अर्जी अतीक अहमद की बहन परवीन कुरैशी की ओर से दाखिल की गई थी।

5. पैरोल अर्जी पर किस बेंच ने फैसला दिया?

जस्टिस अजय भनोट और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की डिवीजन बेंच ने फैसला दिया।

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