टीआरपी डेस्क। राजस्थान के जैसलमेर जिले में मंगलवार दोपहर एक निजी बस अचानक आग की चपेट में आ गई। बस में कुल 57 यात्री थे और जोधपुर की ओर जा रही थी। हादसे में लगभग 20 यात्रियों की मौत हो गई और 16 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, बस को सामान्य से AC में मॉडिफाई किया गया था और इसी सेंट्रल AC में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। आग लगने के बाद धुएं से बस का दरवाजा लॉक हो गया, जिससे यात्री बाहर नहीं निकल सके। इस हादसे में सेतरावा के लवारन गांव के महेंद्र मेघवाल और उनका पूरा परिवार भी मारा गया। महेंद्र, उनकी पत्नी और तीन बच्चों की मौत हो गई।

मौके पर पहुंचे थईयात गांव निवासी कस्तूर सिंह ने बताया कि कुछ यात्री कांच तोड़कर बाहर कूदने की कोशिश कर रहे थे। हादसे के दौरान काफी देर तक फायर ब्रिगेड नहीं आई। अंततः सेना ने JCB लगाकर बस का गेट तोड़ा और लोगों को बाहर निकाला। उन्होंने दावा किया कि बस से 16 लोगों को ही बचाया जा सका।

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महेंद्र जैसलमेर में सेना के गोला बारूद डिपो में कार्यरत थे और दीपावली मनाने अपने गांव जा रहे थे। इसी हादसे में स्थानीय पत्रकार राजेन्द्र सिंह भी जले हुए पाए गए। घायलों में एक कपल भी शामिल है, जो प्री-वेडिंग शूटिंग के बाद जोधपुर लौट रहा था।

बस को सेना स्थल के पास लाकर मृतकों की पहचान के लिए DNA जांच की जा रही है। जले हुए यात्रियों की पहचान कर परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। जोधपुर मेट्रो के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बर्न वार्ड में विशेष व्यवस्था की है।