अंबिकापुर: देश और प्रदेश लगातार कोरोना संक्रमण जूझ रहा है, लेकिन इस बीच छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर की महिलाएं जिले के कलेक्टर आईएएस अधिकारी डॉ. सारांश मित्तर की एक कोशिश ने कई महिलाओं की जिंदगी को बदलकर रख दिया है। लॉकडाउन की वजह से बहुत से लोगों की आय के साधन छिन चुके हैं। आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं और उनके परिवार की मदद के मकसद से एक प्रोजेक्ट की शुरूआत की गई। इसके तहत महिलाएं मास्क बना रही हैं। जिले में कुल 53 समूह की 287 महिलाएं मास्क बनाने का कार्य कर रही हैं।

दिन-रात मेहनत कर इन महिलाओं ने 16 लाख 7 हजार 880 मास्क तैयार किए। जिला प्रशासन के मुताबिक महिलाओं ने मास्क की बिक्री से अब तक 26 लाख रूपए की कमाई की है। जिले में बिहान कार्यक्रम के तहत स्थापित कपड़ा दुकान से लागत मूल्य पर कपड़ा खरीद कर, महिलाएं थ्री-लेयर मास्क बना रही हैं। कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुलदीप शर्मा की गाइडेंस में मास्क बेचे जा रहे हैं। इसके लिए वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, बैंक, जनपद पंचायतों में महिलाओं को मास्क बेचने की अनुमति दी गई। जिला और जनपद स्तर पर मास्क बिक्री कांउटर लागकर भी मास्क बेचे गए।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।