टीआरपी डेस्क। बिलकिस बानो केस में दोषियों की रिहाई के खिलाफ दायर याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में गुजरात सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। याचिका पर सुनवाई न्यायाधीश अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने की। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि उसने दोषियों की रिहाई की अनुमति नहीं दी, बल्कि सरकार से विचार करने को कहा था।

इस मामले में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को गुजरात दंगों की पीड़िता बिलकिस बानो के लिए न्याय की गुहार की है। उन्होंने कहा कि 2002 के सामूहिक बलात्कार और उनके परिवार के सात लोगों की हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए 11 लोगों की रिहाई पर सरकार ने चुप्पी साधकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।

बता दें कि गुजरात सरकार की माफी नीति के तहत पिछले दिनों 15 अगस्त को गोधरा उप कारागार से इस मामले के 11 दोषियों को रिहा किया गया था। इस पर प्रियंका ने ट्वीट कर कहा, बलात्कार की सजा पा चुके 11 लोगों की रिहाई, कैमरे पर उनके स्वागत-समर्थन में बयानबाजी पर चुप्पी साधकर सरकार ने अपनी लकीर खींच दी है।

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी बिलकिस बानो के लिए इंसाफ की मांग की है। उन्होंने ट्वीट कर कह कि, ”बेटी बचाओ’ जैसे खोखले नारे देने वाले, बलात्कारियों को बचा रहे हैं। आज सवाल देश की महिलाओं के सम्मान और हक़ का है। बिलकिस बानो को न्याय दो।”

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।