टीआरपी डेस्क। जनगणना को लेकर लंबे समय से जारी असमंजस अब समाप्त हो गया है। गृह मंत्रालय ने सोमवार को जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एक अधिसूचना जारी करते हुए आधिकारिक रूप से जनगणना और जातीय जनगणना की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है। अधिसूचना के अनुसार, देश की अगली जनगणना वर्ष 2027 में कराई जाएगी।

21 महीनों में पूरी होगी प्रक्रिया

जनगणना की प्रक्रिया मार्च 2027 तक पूरी कर ली जाएगी और प्रारंभिक आंकड़े इसी समय सामने आ जाएंगे। हालांकि, विस्तृत रिपोर्ट आने में साल के अंत तक का इंतजार करना पड़ सकता है। यह पूरी प्रक्रिया करीब 21 महीनों में पूर्ण होगी।

दो चरणों में होगी जनगणना

  1. हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO): इस चरण में प्रत्येक घर की स्थिति, उसमें उपलब्ध सुविधाएं और संपत्ति संबंधी विवरण जुटाए जाएंगे।
  2. जनसंख्या गणना (Population Enumeration – PE): इस चरण में नागरिकों की जनसांख्यिकीय, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जानकारी एकत्र की जाएगी।
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जनगणना के लिए 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि को रेफरेंस डेट माना जाएगा। उस क्षण देश की जो जनसंख्या और सामाजिक स्थिति होगी, वही आधिकारिक आंकड़ों में दर्ज की जाएगी।

16 साल बाद होगी जनगणना

भारत में पिछली बार जनगणना 2011 में कराई गई थी। 2021 में होने वाली जनगणना कोविड-19 महामारी के चलते स्थगित कर दी गई थी। ऐसे में अब यह जनगणना 16 साल के लंबे अंतराल के बाद हो रही है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।