टीआरपी डेस्क। हैदराबाद दुष्कर्म मामले में सभी चार आरोपी शुक्रवार को पुलिस एनकाउंटर

में मारे गए। जिसके बाद टीवी चैनलों से लेकर सोशल मीडिया तक पर देशभर में लोग अलग-अलग

प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग इस एनकाउंटर के पक्ष में हैं तो कुछ इसके खिलाफ।

 

अब से पहले भी एनकाउंटर के मामलों पर इसी तरह मिली जुली प्रतिक्रियाएं आती रही हैं।

यहां हम आपको देश के शीर्ष 10 एनकाउंटर स्पेशलिस्ट्स के बारे में बता रहे हैं।

 

1. प्रदीप शर्मा

 

 

महाराष्ट्र पुलिस के प्रदीप शर्मा को मुंबई में अपराधी मौत का दूसरा नाम मानते हैं।

1990 के दशक और सन् 2000 की शुरुआत में जब मुंबई में गैंगवॉर अपनी चरम

पर था

 

तब आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदीप शर्मा ने 104 एनकाउंटर किए थे।

2010 में उन्हें निलंबित कर दिया गया था। दोबारा पुलिस सेवा ज्वॉइन करने के बाद

उन्होंने कई पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर एनकाउंटर स्पेशलिस्ट बनाया।

कुछ समय पहले वे पुलिस सेवा से इस्तीफा देकर शिवसेना में शामिल हो गए।

 

2. दया नायक

 

 

जब भी एनकाउंटर का नाम आता है, तो दया नायक को जरूर याद किया जाता है। मुंबई पुलिस

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के सबसे प्रसिद्ध और जानेमाने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे हैं दया नायक।

 

इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि नाना पाटेकर की प्रमुख भूमिका वाली

फिल्म अब तक छप्पन इन्हीं के जीवन पर आधारित थी।

 

इसी साल सितंबर में इनका तबादला महाराष्ट्र एटीएस में किया गया। 1995 में मुंबई पुलिस ज्वॉइन करने

के तीन-चार सालों के अंदर ही दया नायक को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट का नाम मिल गया था।

अब तक 80 गैंगस्टर्स/अपराधियों का एनकाउंटर कर चुके हैं।

 

3. प्रफुल भोसले

 

 

छोटा शकील के साथ एनकाउंटर को लेकर इनका नाम हुआ था। अन्य एनकाउंटर स्पेशलिस्ट्स

के साथ मुंबई के अपराधियों में इनके नाम का भी खौफ है। इन्होंने अब तक 84 एनकाउंटर किए हैं।

 

4. विजय सालस्कर

 

 

महाराष्ट्र पुलिस के इंस्पेक्टर विजय सालस्कर 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकी हमले

में शहीद हो गए थे। अपने सेवाकाल में उन्होंने 83 एनकाउंटर किए। कई अपराधियों

का खात्मा किया।

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5. सचिन हिंदुराव वाजे

 

 

महाराष्ट्र पुलिस में सेवा देते हुए सचिन हिंदुराव वाजे ने मुंबई में 63 अपराधियों और गैंगस्टर्स

का खात्मा किया है। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा इनके मेंटर रह चुके हैं।

 

6. दीपक कुमार

 

 

आईपीएस दीपक कुमार चित्रकूट रेंज के डीआईजी हैं। वह बिहार के बेगूसराय जिले के

रहने वाले हैं। उन्होंने बीएचयू से पढ़ाई की है। आधिकारिक तौर पर दीपक कुमार ने

उत्तर प्रदेश में रहते हुए 56 एनकाउंटर्स किए हैं।

 

7. अनंत देव

 

 

कानपुर के एसएसपी अनंद देव 2006 में आईपीएस अधिकारी बने। फैजाबाद के भी एसएसपी

रह चुके हैं। आधिकारिक तौर पर इनके नाम 60 एनकाउंटर दर्ज हैं। इनमें से ज्यादातर एनकाउंटर

उन्होंने चंबल क्षेत्र में किए। इनमें चंबल के खूंखार अपराधी ददुआ का एनकाउंटर भी शामिल है।

 

8. राजेश कुमार पांडेय

 

 

उत्तर प्रदेश में बरेली रेंज के डीआईजी आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार पांडेय के नाम 50

एनकाउंटर्स दर्ज हैं। वह अलीगढ़ के एसएसपी भी रह चुके हैं। गैंग्स्टर श्रीप्रकाश शुक्ला एनकाउंटर

टीम के खास किरदार रहे। उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के रहने वाले राजेश कुमार पांडेय को अब तक

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चार बार वीरता पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।

 

9. राजबीर सिंह

 

 

दिल्ली पुलिस के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी, जिन्हें पुलिस सेवा के 13 सालों के अंदर ही

एसीपी रैंक तक पदोन्नति मिल गई। राजबीर सिंह के नाम 50 एनकाउंटर्स दर्ज हैं। साल 2008 में

गुड़गांव में एक प्रॉपर्टी डीलर ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। अब राजबीर के बेटे

रोहित यादव भी आईपीएस अधिकारी हैं।

 

10. अमिताभ यश

 

 

आईपीएस अमिताभ यश उत्तर प्रदेश एसटीएफ में पुलिस महानिरीक्षक हैं। उनके नाम अब

तक 36 एनकाउंटर दर्ज हैं। लेकिन ऐसा कहा जाता है कि वह जिस भी जिले में जाते हैं, वहां

अपराधी डर कर या तो वापस जेल चले जाते हैं या फिर जिला ही छोड़ देते हैं।

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।