Tuesday, November 30, 2021
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Unicef की अनूठी पहल“ kidstakeover” : संजना बनी समग्र शिक्षा मिशन की निदेशक, नेहा और आर्यन कुमार ने ASP और DEO का संभाला पदभार

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पेंड्रा। जिला प्रशासन द्वारा बाल दिवस सप्ताह के दौरान यूनिसेफ की अनूठी पहल “किड्स टेक ओवर” के अंतर्गत सरकारी कामकाज की प्रक्रिया समझने, देखने और सीखने के उद्देश्य से स्कूली बच्चों को दो दिन के लिए बाल प्रशासक बनाया गया है। बाल प्रशासकों को कलेक्टर, एसपी, डीएफओ, सहित स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पीडब्ल्यूडी सहित 22 जिला स्तरीय और 22 ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों से संबद्ध कर आज कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित होने के बाद उनके कार्यालयों के लिए रवाना किया गया।

प्रशासकीय कामकाज की बच्चों को मिलती है जानकारी

इस अवसर पर यूनिसेफ कंसलटेंट गार्गी परदेशी ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती पर 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है। वहीं यूनिसेफ की तरफ से 20 नवंबर को विश्व बाल दिवस मनाया जाता है। इस दौरान बच्चों को बाल प्रशासक के रूप में विभिन्न शासकीय कार्योलयों में काम-काज के तौर तरीकों के बारे में बताया जाता है। उन्होंने सभी बाल प्रशासकों को इस अवसर का लाभ उठाने के साथ ही उनके मन में उठने वाले सवालों एवं जिज्ञासाओं को प्रकट करने की और संतुष्ट होने की बात कही।

इन पदों पर बच्चो को मिली जिम्मेदारी

जिला प्रशासन द्वारा 17 एवं 18 नवंबर को बाल प्रशासक के रूप में कुमारी आकृति नासरी को कलेक्टर, मोहम्मद उमर को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, विकास कुमार को उप वनमंडल अधिकारी, मिताली सिंह को परियोजना अधिकारी जिला पंचायत, साक्षी गुप्ता को जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, हर्षित को परिवहन अधिकारी और आर्यन केशरवानी एवं आर्यन कुमार को जिला शिक्षा अधिकारी से संबद्ध कर शासकीय क्रियाकलापों के बारे में बताया जा रहा है। इसी तरह दूसरे पदों के लिए भी दर्जनों बच्चों को बाल प्रशासक के रूप में बिठाया गया।

संजना ने दिया महत्वपूर्ण सुझाव

समग्र शिक्षा मिशन के वरिष्ठ अधिकारियों और बच्चों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए, एक दिव्यांग बच्ची संजना ने विशेष रूप से अपने जैसे कई बच्चों के लिए स्कूलों में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विकलांग बच्चों की चिंताओं को दूर करने के लिए एक टोल-फ्री नंबर और स्कूल समिति का भी सुझाव दिया।

बाल अधिकारों को बनाये रखने में मदद

कलेक्टर नम्रता गांधी ने कहा कि kidstakeover जैसे अवसर हमें बाल अधिकारों को बनाए रखने के लिए प्रतिबिंबित करने और फिर से प्रतिबद्ध होने में मदद करते हैं और बच्चों की एक पीढ़ी को उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करते हैं। इस साल बच्चे मीडिया, राजनीति, व्यापार, खेल, संगीत और मनोरंजन में वयस्कों को आमतौर पर सौंपी गई भूमिकाएं निभाएंगे ताकि बच्चों के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने और निरंतर सीखने के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके। विश्व बाल दिवस, 20 नवंबर के दिन संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार सम्मेलन (यूएनसीआरसी) की वर्षगांठ भी मनाई जाती है।

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