नई दिल्ली। देश के तटीय इलाकों में एक बड़े चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय’ का खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात बिपरजॉय अगले 48 घंटे में विकराल रूप ले सकता है और यह एक गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। तूफान की वजह से उत्तर केरल, कर्नाटक और गोवा के तटीय इलाकों में तूफान के साथ-साथ तेज बारिश भी देखने को मिली सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आज कहा कि चक्रवात बिपरजॉय अगले 48 घंटे में गंभीर रूप ले लेगा और अलगे तीन दिनों के दौरान यह देश के उत्तर पश्चिम की दिशा में बढ़ जाएगा।

तूफान की वजह से पश्चिम-मध्य और दक्षिण अरब सागर के आस-पास के क्षेत्र और उत्तर केरल, कर्नाटक और गोवा के तटीय इलाके इसकी चपेट में आ सकते हैं। स्काईमेट वेदर के मुताबिक, तूफान की समुद्री यात्रा काफी लंबी है. ऐसे में इसके गंभीर तूफान में तब्दील होने की संभावना ज्यादा है. मौसम विभाग के के मुताबिक, फिलहाल यह तूफान गोवा के करीब 860 किमी पश्चिम-दक्षिण और मुंबई से 910 किमी दक्षिण पश्चिम में है. यहां से इसके उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने के अनुमान है। जैसे-जैसे यह आगे बढ़ेगा यह विकराल रूप लेता जाएगा।

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चक्रवाती तूफान को लेकर सरकारें अलर्ट
चक्रवाती तूफान की आशंका को देखते हुए केरल, कर्नाटक और गुजरात की सरकार अलर्ट हो गई हैं। गुजरात सरकार ने कहा कि वह संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए कमर कस चुकी है. सरकार की ओर से मछुआरों को 14 जून तक समुद्र में न जाने की चेतावनी भी दी गई है। इस चक्रवात की वजह से सौराष्ट्र और गुजरात के कुछ इलाकों में 9 से 11 जून के बीच हल्की बारिश होने की संभावना भी व्यक्त की गई है।


आईएमडी ने कहा कि अगले दो दिनों के भीतर केरल में मॉनसून की शुरुआत परिस्थितियां अनुकूल हैं। वहीं मौसम विज्ञानियों की मानें तो चक्रवात की वजह से मॉनसून पर असर पड़ सकता है और और उसकी गति को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, मौसम विभाग की ओर से केरल में मानसून की एंट्री को लेकर कोई तारीख नहीं बताई है। उम्मीद लगाया जा रहा है कि केरल में 8 या 9 जून तक मॉनसून दस्तक दे देगा।

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