रायपुर। राज्य में अफसरशाही के हावी होने की बातें अक्सर सामने आती रही हैं लेकिन इनके फिजूल खर्ची के भी मामले अब सामने आ रहे हैं। संविदा पर नियुक्त एक अफसर ने एक दिन के होटल का जो बिल शासन से पास करवाया उसे सुनकर सभी हैरत में पड़ जायेंगे। अफसर ने होटल में रुकने के लिए एक दिन में ही 60 हजार खर्च कर दिए, जबकि खर्च की पात्रता केवल 6 हजार रुपए है। इसके अलावा ट्रांसपोर्टेशन और अन्य खर्च मिलाकर अफसर ने एक दिन में एक लाख रुपये फूंक डाले।

क्या है पूरा मामला:

सूत्रों की अगर मानें तो 14-15 फरवरी 2016 को मुंबई में मेक इन इंडिया इवेंट आयोजित किया गया था। इसमें चिप्स ने आइस क्यूब्स सर्विस नामक ट्रैवेल एजेंसी से अधिकारियों के ठहरने और ट्रांसपोर्ट, एयर टिकट की व्यवस्था कराई गई थी। उसका 1, 43,852 रुपए का बिल भी आइस क्यूब्स सर्विस ने दिया है। इसमें 43,385 रुपए का टीडीएस डिडक्ट होकर उस संस्था को 1, 29,467 रुपए का भुगतान किया गया । उसके अलावा 14, 385 रुपए टीडीएस के भुगतान की भी अनुमति प्रदान की गई। इस बिल को नीलेश सोनी ने एटेस्ट किया था। ऐसे में जनता ये जानना चाहती है कि जब अधिकारी मुंबई में गए और वहां के दौरे पर रहे तो उसका बिल रायपुर की कंपनी ने कैसे लगाए?

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ये रिश्ता क्या कहलाता है:

जानकार तो यहां तक बताते हैं कि ये वही कंपनी है जिसने एक्सपॉल मेनन को विदेश का भ्रमण भी कराया था। तो उसके लंबे-चौड़े बिल का भुगतान किसी थर्ड पार्टी ने किया था। अब जनता ये भी जानना चाहती है कि ये रिश्ता क्या कहलाता है।

क्या कहता है नियम:

सरकारी नियम के मुताबिक किसी भी क्लॉस वन अफसर को प्रतिदिन 6 हजार तक के किराए वाले होटल में ठहरने की अनुमति है। ऐसे में अमन सिंह का 60 हजार दैनिक किराए के होटल में ठहरना सवाल तो खड़े करता ही है।

किसानों ने की आत्महत्याएं:

जिस राज्य में वर्ष 2014-16 में 2391 किसान आत्महत्या कर चुके हों। जहां किसानों को फसल बीमा के नाम पर महज 1 रुपए का चेक थमाया गया हो, उसी राज्य के आलाअधिकारी किस तरह की शाह खर्ची करते हैं ये बात अब आप आसानी से जान गए होंगे।
क्या इस पर भी कार्रवाई करेगी भूपेश बघेल सरकार:
ऐसे में सवाल तो यही उठता है कि क्या प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई करेगी?

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क्या कहते हैं सचिव :

अभी-अभी मेरे संज्ञान में ये मामला आया है। मैं इसके दस्तावेज निकलवाकर इसकी जांच करवाता हूं। उसके बाद ही कार्रवाई के बारे में बात कर सकूंगा। टीआरपी ने ये जानकारी उपलब्ध कराई इसके लिए पूरी टीम को धन्यवाद।
गौरव द्विवेदी
सचिव
मुख्यमंत्री सचिवालय

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