

कैसे हो रही थी चीटिंग:
टीआरपी की टीम जब केंद्र में पहुंची तो यहां परीक्षा का संचालन चपरासी कर रहे थे। प्रिंसिपल गोवर्धन बघेल खुद एक कक्ष में चीटिंग करवाते दिखे। यहां पहुंची मीडिया की टीम के कैमरे के सामने चीटिंग कर रहे विद्यार्थियों की टेबल से पुस्तकें निकलीं। परीक्षार्थियों ने साफ कहा कि सभी विद्यार्थी प्रत्येक पर्चे के लिए 500 प्रिंसिपल को दे रहे हैं, जिससे उन्हें चीटिंग करने की आजादी मिल रही है। परीक्षा केंद्र 100 से अधिक पुस्तकें निकली, जिससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि किस तरह शिक्षा के नाम पर जमकर वसूली हो रही है। तो वहीं प्राचार्य भागीरथी बघेल ने कहा कि उनको इस मामले में कुछ नहीं पता,ये उनको बदनाम करने की साजिश है। मीडिया कर्मियों के पहुंचने के बाद सारा का सारा स्टाफ केंद्र से भाग निकला। इस केंद्र में 246 बच्चे परीक्षा दे रहे हैं।
क्षेत्रीय विधायक को भी नहीं पता:
इस मामले में लोहंडीगुड़ा के विधायक दीपक बैज ने कहा कि वे तो अभी -अभी बाहर से आए हैं। उनको इस मामले में कुछ भी पता नहीं है। पहले पता लगा लें फिर कार्रवाई करते हैं।

