जेट के जमीन पर आने से इंडिगो और स्पाइसजेट की हुई चांदी

नई दिल्ली। इंटरग्लोब एविएशन और स्पाइसजेट के शेयर दुनिया में सबसे महंगे एयरलाइन शेयर बन गए हैं। इंटरग्लोब एविएशन ‘इंडिगो’ ब्रांड नाम से सस्ती हवाई सेवाएं देती है। जेट एयरवेज की सेवाएं बंद हो जाने से इन शेयरों ने जोरदार छलांग लगाई है। $8.1 अरब के मार्केटकैप के साथ इंटरग्लोब दुनिया की टॉप-10 एयरलांइस में शामिल हो गई है। बीते छह महीनों में इंटरग्लोब एविएशन और स्पाइसजेट के शेयरों ने क्रमश: 80 फीसदी और 77 फीसदी की छलांग लगाई है। यह ब्लूमबर्ग के वर्ल्ड एयरलाइंस इंडेक्स के प्रदर्शन से 65 फीसदी बेहतर है। दोनों ही शेयर वित्त वर्ष 2019-20 की अुमानित कमाई के क्रमश: 24 गुना और 33 गुना पर कारोबार कर रहे हैं।   विश्लेषक भी इन शेयरों को लेकर काफी आश्वस्त नजर आ रहे हैं। उन्हें इन शेयरों में 30 से 35 फीसदी तक की तेजी की उम्मीद है। 22 अप्रैल को क्रेडिट सुइस ने इंटरग्लोब एविएशन के शेयर के लिए टार्गेट प्राइस को 1,650 रुपये से बढ़ाकर 1,800 रुपये कर दिया। गुरुवार को यह शेयर 1,491 रुपये पर कारोबार कर रहा था।   भारत में एविएशन सेक्टर की ग्रोथ दुनिया में सबसे तेज है। विश्लेषकों के अनुसार, देश में हवाई यात्रियों की बढ़ती संख्या के चलते हर साल कम से कम 45 से 50 प्लेन की जरूरत पड़ सकती है।   जेट की सेवाएं ठप पड़ने से 119 हवाई जहाज जमीन पर आ गए हैं। ऐसे में मांग अधिक है और स्पलाई कम। इसका असर टिकट की कीमतों पर पड़ा है। कंपनियों का प्रति यात्री प्रति किलोमीटर किराया 10 से 15 फीसदी तक बढ़ गया है। इस साल कंपनियां 150 नए प्लेन जोड़ सकती हैं, जिसनें से 100 प्लेन इंटरग्लोब और स्पाइसजेट के पास आएंगे।   मार्च तक इस सेक्टर का प्रति सीट प्रति किलोमीटर (एएसकेएम) रेवेन्यू 4.2 रुपये था, जो मध्य अप्रैल तक 5.1 से 5.2 रुपये तक पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2018-19 के पहले नौ महीनों में कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते इंडिगो की यील्ड 5 फीसदी तक घट गई थी।   क्रेडिट सुइस का मानना है कि यदि बढ़ी हुई यील्ड पूरे साल जारी रही, तो इंडिगो को एक तिमाही में 2,000 से 2,500 करोड़ रुपये का फायदा होगा। यानी पूरे साल में 10,000 करोड़ रुपये का फायदा। इस वजह से कंपनी के एबिड्टा में दो से तीन गुना तक का सुधार हो सकता है। यदि जेट एयरवेज का परिचालन फिर से शुरू होता है तो भी इसे सामान्य स्थिति में पहुंचने में कुछ समय लगेगा। मसलन, 2014 में बंद होने के बाद स्पाइसजेट को अपने सामान्य स्तर तक पहुंचने में तीन साल का समय लगा था।   गौरतलब है कि मैथ्यूज इंटरनेशनल, ब्लैकरॉक, वळक अटउ और ऌऊऋउ म्यूचुअल फंड जैसे दिग्गज निवेशक इंटरग्लोब एविएशन और स्पाइसजेट के शेयरों में लगातार हिस्सेदारी बढ़ा रहे है। बीती तीन तिमाही से वे ऐसा कर रहे हैं।   Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें  Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें  और Youtube  पर हमें subscribe करें।
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