रायपुर। सरकार के खिलाफ संविदा कर्मचारी संघ ने मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस के नेताओं ने कर्मचारियों को नियमित करने का आश्वासन दिया था। छत्तीसगढ़ में विधानसभा व लोकसभा चुनाव भी खत्म हो चुके हैं। अब तक इन कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया है। जो कर्मचारी काम कर रहे हैं उन्हें भी काम से बाहर कर दिया गया है।

सरकार के खिलाफ लामबंद संविदाकर्मी

कर्मचारियों के साथ की गई वादा खिलाफी विरोध में 16 जून को संविदा कर्मचारी संघ के द्वारा धरना प्रदर्शन किया जाएगा। 16 जून को ही महारैली भी निकाली जाएगी। इस संबंध में अनियमित और संविदा कर्मचारियों ने प्रदेश स्तर पर एक बैठक का आयोजन किया। संघ का कहना है कि विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस के नेताओं से आश्वासन मिला था। अब प्रदेश में विधानसभा के साथ लोकसभा चुनाव भी खत्म हो गए हैं। मगर उन्हें नियमित करने के नाम पर आश्वासन ही मिला है।

See also  ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ के इस क्वारैंटाइन सेंटर में रह रही महिला की मौत, 17 दिन पहले दिया था जुड़वा बच्चों को जन्म

वादाखिलाफी कर रही सरकार 

नौकरी के नाम पर की गई वादाखिलाफी के चलते कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। जिसके विरोध में संघ द्वारा विशाल रैली के साथ धरना प्रदर्शन करने की बात की जा रही है। संघ का यह भी कहना है कि चुनाव के पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव ने धरना स्थल पर आकर नियमितीकरण की बात की थी। मगर आज चुनाव जीतने के बाद उनके साथ आश्वासन के उलट व्यवहार किया जा रहा है। जो कर्मचारी अनियमित थे और संविदा पर काम कर रहे थे उन्हें भी निकाला जा रहा है।

कर्मचारियों के साथ किया गया छल

अब कर्मचारी संघ का कहना है कि हमारे साथ सरकार की ओर से छलावा किया गया है। अब कर्मचारी सरकार के इस छलावे को अब बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। ऐसी स्थिति में उन्हें इस तरह का कदम मजबूरन उठाना पड़ रहा है।