नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला युवराज सिंह ने सोमवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संन्यास की घोषणा की। इस मौके पर उनके साथ पत्नी हेजल और मां भी मौजूद थी। प्रेंस कॉन्फ्रेंस के दौरान युवराज सिंह भावुक नजर आए। 2011 में खेले गए 10वें आईसीसी क्रिकेट विश्व कप में भारत की जीत के नायक रहे युवराज सिंह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है।

सीमित ओवरों के क्रिकेट में युवराज सिंह की गिनती दुनिया के कुछ चुनिंदा विस्फोटक बल्लेबाजों में की जाती है। युवराज ने साल 2011 में भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश की संयुक्त मेजबानी में खेले गए आईसीसी विश्व कप में बल्ले और गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी।

कैंसर के मरीजों की मदद

विश्व कप के दौरान ही युवराज को पता चला था कि उन्हें कैंसर जैसी भयानक बीमारी है। इसके बावजूद उन्होंने पूरा टूनार्मेंट खेला और किसी को भी इसकी भनक तक नहीं लगने दी। युवराज सिंह ने साल 2011 विश्व कप में कई मैच तो खून की उल्टियां करते हुए खेला था। अब वे कैंसर के मरीजों की मदद करेंगे।

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युवराज का अंतर्राष्ट्रीय करियर

  • युवराज विश्व कप के 9 मैचों में 362 रन बनाने के अलावा 15 विकेट भी चटकाए और ‘मैन ऑफ द सीरीज’ बने।
  • युवराज ने भारत के लिए 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी20 मुकाबले खेले।
  • टेस्ट में युवराज के नाम 3 शतकों और 11 अर्धशतकों की मदद से कुल 1900 रन दर्ज हैं।
  • वनडे में उन्होंने 14 शतकों और 52 अर्धशतकों के साथ 8701 रन बनाए।
  • टी20 में 58 मैचों में 8 अर्धशतकों की मदद से 1177 रन बनाए।
  • टेस्ट में युवराज का सर्वोच्च स्कोर 169, वनडे में 150 और टी20 में 77* है।
  • बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करने वाले युवराज सिंह ने ने टेस्ट क्रिकेट में 11, वनडे में 111 और टी20 में 28 विकेट चटकाए।