नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के सरपंचों को पत्र लिखकर पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, घटते भू-जल स्तर तथा जलवायु परिवर्तन पर अपनी चिंता जताई है।

प्रधानमंत्री ने अपने खत में लिखा है कि राज्य के साथ-साथ देश में घटते जल स्तर, जल संकट और जलवायु परिवर्तन चिंता की एक बड़ी वजह बन गई है। इसी चिंता को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने खत में जताई है।

गांवों में सभी को पढ़कर सुनाने का आग्रह:

सभी सरपंचों को लिखे पत्र में पीएम मोदी ने गांव में सभी लोगों को पत्र पढ़कर सुनाने आग्रह किया है। पीएम के पत्र को प्रदेश के सभी सीईओ को भेजा गया है। प्रदेश के 14 हजार 884 हैण्डपम्पों के हलक सूख गए हैं।

516 गांवों में पानी की विकराल समस्या है, जहां जल संकट का खतरा मंडरा रहा है। इस समस्या को दूर करने के लिए उचित कदम उठाने की बात कही गई है।

See also  24 फरवरी से होलाष्टक की शुरुआत, 8 दिनों तक थम जाएंगे मांगलिक कार्य; जानें क्या है इसका महत्व

सभी मिलकर करेंगे काम:

पीएम के पत्र को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार में पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि जल व पर्यावरण को लेकर सामने आ रहे संकट पर राज्य सरकार पहले से ही सचेत है और काम कर रही है। अब यदि पीएम ने भी इस पर चिंता जताई है तो ये अच्छी पहल है। केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर इस समस्या का समाधान करने में सफल होगी। हम एक साथ मिलकर काम करेंगे।

 

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें 

Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें  और Youtube  पर हमें subscribe करें।