नई दिल्ली। रेलवे यात्रियों की सुरक्षा(Safety of railway passengers) के लिए अब रेल मंत्रालय (CORAS) कमांडोज को तैनात करने जा रहा है। इन (CORAS) कमांडोज की पहली बैच आज रेलवे का हिस्सा बन गई। रेलमंत्री पीयूष गोल ने बुधवार को कमांडोज फार रेलवे सिक्योरिटी (Commandos for Railway Security) (CORAS) के पहले बैच को रेलवे सुरक्षा का हिस्सा बनाया।

 

कहां होगी तैनाती:
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इन (CORAS) कमांडोज की तैनाती नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों और उत्तर पूर्वी इलाकों, जम्मू-कश्मीर समेत तमाम दूसरे इलाकों में भी की जाएगी।

कमांडोज ने किया अपने कौशल का प्रदर्शन:
इससे पहले (CORAS) कमांडो की टीम ने यह दिखाया कि वे बंधक बनाए गए ट्रेन के यात्रियों को कैसे मुक्त कराएंगे(How to free the hostage passengers)। रेलमंत्री ने कहा कि उपर्युक्त इलाकों में रेल यात्रियों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा के जगाधरी में आरपीएफ के लिए एक अतिआधुनिक कमांडो ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा।

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अत्याधुनिक उपकरण और देंगे वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग:
गोयल ने बताया कि आरपीएफ की 1200 अफसरों वाली क्रैक कमांडो टीम को आधुनिक उपकरण और वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग दी जाएगी। ये लोग दूसरे 60,000 से 65000 अफसरों को (CORAS)  कमांडो ट्रेनिंग देंगे।
रेलमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बहुत संवेदनशील हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हर स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा। इन कैमरों का लिंक लोकल स्टेशन, जीआरपी, आरपीएफ, डिवीजनल आफिस और मंत्री के कार्यालय को दिया जाएगा।

दलालों और ठगों को चेताया:
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने हजारों दलालों और ठगों को पकड़ने के लिए आरपीएफ की सराहना की। उन्होंने इनके लिए अधिकतम सजा की मांग की। उन्होंने कहा कि यह काम रेलवे के ट्रैफिक डिवीजन को करना चाहिए था लेकिन, इसे आरपीएफ को करना पड़ा। उन्होंने रेलवे के अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वे समस्या से निपटें नहीं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह ऐसे अधिकारियों के लिए अंतिम मौका है।

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