रायपुर। अंतागढ़ टेप कांड (Antagarh Tape case) की डील 7.5 करोड़ रुपए में हुई थी। ये आरोप हम नहीं मंतूराम पंवार (Manturam Panwar) ने अपने धारा 164 के तहत दिए गए इकबालिया बयान में लगाए हैं। यह बयान मजिस्ट्रेट (Magistrate)  के सामने दर्ज कराया जाता है। अपने बयान में उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि ये डील तत्कालीन सरकार में मंत्री रहे राजेश मूणत (Rajesh Munat) के बंगले पर हुई थी। इसमें तत्कालीन सीएम डॉ. रमन सिंह,(CM Dr. Raman Singh,) अजीत जोगी,(Ajit jogi) अमित जोगी (Amit Jogi) समेत कई लोग मौजूद थे। वहीं पैसों का लेनदेन भी हुआ था।

प्रेशर डालकर की गई थी डील: मंतूराम

अपने बयान में मंतूराम ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उस पर प्रेशर डालकर यह डील करवाई गई थी। इसके बाद वह काफी गिल्टी महसूस कर रहा था। मंतूराम ने कोर्ट में यह बयान दर्ज कराया है कि, अंतागढ़ टेप कांड में साढ़े सात करोड़ रुपए की डील हुई थी, और यह डील मंत्री राजेश मूणत के बंगले पर हुई थी।
अपने इकबालिया बयान में मंतूराम पवार ने आरोप लगाया कि, इस पूरे मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी,तत्कालीन विधायक अमित जोगी शामिल थे। मंत्री राजेश मूणत के बंगले पर साढ़े सात करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ था।

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क्या था पूरा मामला:

दरअसल अंतागढ़ में 2014 में उपचुनाव था और कांग्रेस की ओर से मंतूराम पवार प्रत्याशी थे, और भाजपा की ओर से भोजराज नाग। मंतूराम पंवार ने ऐन वक्त पर नाम वापस ले लिया था। इसे तत्कालीन पीसीसी चीफ भूपेश बघेल पर यह राजनैतिक हमला माना गया था।

क्यों कहलाया टेप कांड:

दरअसल इस पूरे प्रकरण को लेकर एक सीडी वायरल हुई जिसमें कथित तौर पर अमित जोगी, अजित जोगी, डॉ पुनीत गुप्ता, मेनन और फिरोज सिद्दकी की आवाजें थी। यह कथित सीडी यह संकेत देती थी मंतुराम पवार को जानबूझकर नाम वापस कराया गया।
कांग्रेस शासनकाल आते ही इस मसले को लेकर एसआईटी गठित की गई और फिर पंडरी थाने में अपराध दर्ज किया गया था। पंडरी थाने में दर्ज अपराध किरणमयी नायक प्रार्थी हैं जबकि आरोपी के रुप में मंतूराम पवार, अजीत जोगी अमित जोगी और डॉ पुनीत गुप्ता के नाम दर्ज हैं। इसी मामले में आज मंतूराम पंवार अपना इकबालिया बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करवा रहे थे।

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