रायपुर। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और पूर्व विधायक मंतूराम पवार (Manturam Pawar) ने अदालत में धारा-164 के तहत बयान दिया है। इससे वर्ष 2014 में अंतागढ़ उपचुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी के खरीद-फरोख्त की पूरी कहानी साफ हो गई है। भाजपा नेता मंतूराम पवार के बयान से स्पष्ट है कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह (Dr. Raman Singh), पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Ajit Jogi), पूर्व मंत्री राजेश मूणत (Rajesh Munat) और पूर्व विधायक अमित जोगी (Amit Jogi) ने मिलकर एक व्यापक षडयंत्र रचा था।

प्रदेश कांग्रेस (Congress) ने पत्रकारवार्ता करते हुए कहा कि इन चार राजनेताओं ने मिलकर लोकतंत्र को न केवल शर्मसार किया, बल्कि लोकतंत्र की हत्या की। सात करोड़ रुपए में कांग्रेस के प्रत्याशी को मैदान से हटाने के लिए रमन सिंह ने अपने साथी अजीत जोगी के साथ मिलकर सारे हथकंडे अपनाए। इसमें सत्ता का दुरूपयोग भी शामिल है क्योंकि मंतूराम पवार ने अपने बयान में कहा है कि उन्हें एसपी ने धमकाया था कि उनका भी हश्र झीरम की तरह कर दिया जाएगा।

See also  CG Assembly Election 2023 : सुरक्षाबलों की 25 से अधिक कंपनियां छत्तीसगढ़ पहुंंची, नक्सल प्रभावित जिलों की सुरक्षा में तैनात होंगे 10 हजार से अधिक जवान

उन्होंने कहा कि इस बयान से यह भी स्पष्ट हुआ है कि न केवल अंतागढ़ बल्कि झीरम में भी रमन सरकार की भूमिका थी, तभी तो वे झीरम जैसा कांड करने की धमकी दे रहे थे। दिसंबर, 2015 में अंतागढ़ ऑडियो टेप आने के बाद से मंतूराम पवार के बयान तक जो कुछ भी उजागर हुआ है वह लोकतंत्र के लिए घातक है। अभी रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता की भूमिका का विवरण आना शेष है क्योंकि ऑडियो टेप में हम सबने उनकी आवाज भी सुनी थी।

अंतागढ़ चुनावी धांधली पर छोड़े राजनीति- कांग्रेस

कांग्रेस ने अंतागढ़ उपचुनाव के समय से ही चुनाव आयोग से लेकर पुलिस तक सबसे शिकायत की थी और इस धांधली की जांच की मांग की थी। मगर रमन सिंह सरकार की पुलिस ने कोई जांच नहीं की और जब कांग्रेस की सरकार ने अंतागढ़ की जांच शुरू की तो इसका विरोध शुरू कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, पूर्व मंत्री राजेश मूणत और पूर्व विधायक अमित जोगी चारों से नैतिकता की कोई उम्मीद तो नहीं है, लेकिन फिर भी हम मांग करते हैं कि चारों को अंतागढ़ चुनावी धांधली की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल राजनीति छोड़ देनी चाहिए।

See also  CG Crime: कृष्णा वाटिका रिसॉर्ट में चल रहा था जुआ, पुलिस रेड में 16 गिरफ्तार,3.59 लाख नकद और 22 मोबाइल जब्त

चारों राजनेताओं अगर अपने दावों के अनुसार बेकसूर हैं तो चारों को अंतागढ़ मामले की जांच में सहयोग करना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह (Raman Singh) को अपने दामाद पुनीत गुता को वॉइस सेंपल देने के लिए कहना चाहिए। वाइस सेम्पल देने में चल रहा हीला हवाला अब बंद होना चाहिए।

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें और Youtube  पर हमें subscribe करें। एक ही क्लिक में पढ़ें  The Rural Press की सारी खबरें।