रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में आखिर नक्सलवाद का अंत कब होगा? इस सवाल का जवाब हर कोई

जानना चाहता है। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की भयावह समस्या केंद्र सरकार, राज्य सरकार और प्रशासन के लिए

बड़ी चुनौती बनी हुई है। या फिर कहा जाये तो छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद VS सरकार जैसी स्थिति निर्मित है।

नक्सलियों की सरकार से बनती नहीं और सरकार की योजनाएं नक्सलियों को जमती नहीं हैं।

 

छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने की कवायद शुरू हो गई है। बस्तर में फैले नक्सल बाड़ी में आखिरी कील किस

तरह लगाई जाए, इसको लेकर खाका तैयार किया जा रहा है। इसमें एक ओर जहां नक्सलियों का उन्मूलन है, वहीं

दूसरी ओर बस्तर का विकास भी शामिल है। इसको अमली जामा पहनाने के लिए केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला

ने आज एक महती बैठक ली।

 

बैठक में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला के साथ आईबी चीफ अरविंद कुमार, डीजीपी छत्तीसगढ़, तेलंगाना व ओडिशा

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के कलेक्टर व एसपी के साथ ही सीआरपीएफ के डीजी और आईजी भी मौजूद रहे।

 

नक्सलवाद के खात्मे के लिए केंद्र बड़े एक्शन प्लान पर काम कर रही

यहां बैठक में उन्होंने बताया कि राज्य में नक्सलवाद के खात्मे के लिए केंद्र बड़े एक्शन प्लान पर काम कर रही है।

उन्होंने राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सात हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती को मंजूरी दी।

 

इसके साथ ही यह संकेत भी दिए कि जल्द ही राज्य में नक्सलियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस

बैठक में केंद्रीय अधिकारियों के साथ-साथ राज्य के मुख्य सचिव व अन्य उच्च अधिकारी शामिल होंगे और नक्सल

उन्मूलन अभियान को सफल बनाने के लिए केंद्र और राज्य की संयुक्त रणनीति पर चर्चा करेंगे।

 

2022 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को उखाड़ फेकेंगे: अमित शाह का दावा

बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दावा किया था कि 2022 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को उखाड़ फेकेंगे।

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इसके बाद गृह सचिव अजय भल्ला बैठक लेने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। कलेक्ट्रेट के बंद कमरे में सुबह 11.30 बजे

हुई इस बैठक से मीडिया को दूर रखा गया. सम्भावना है कि बैठक में नक्सलवाद को खत्म करने के साथ ही संसाधनों

के ऊपर भी चर्चा की गयी हो।

 

 

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