कहा-भाजपा सरकार बजट को बढ़ा चढ़ाकर प्रदर्शित करती रही
अनुपयोगी अनुपूरक अनुदान व्यय का 10 प्रतिशत कैसे पहुंचा
भाजपा सरकार ने वित्तीय अनुशासन की धज्जियां उड़ाई

रायपुर। वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए सीएजी रिपोर्ट पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग

के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा सरकार बजट को बढ़ा चढ़ाकर प्रदर्शित करती रही

और साल दर साल 20000 करोड़ का व्यय न कर पाने का जनता को हिसाब दें। त्रिवेदी ने बताया, वर्ष

2017-18 में व्यय (भारित एवं मतदेय) के लिए 91011.85 करोड़ रुपए एवं व्यय में कमी (वसूलियां)

के लिए 2656.16 करोड़ रूपए का सकल बजट प्रावधान किया गया था। इसके विरूद्ध वास्तविक सकल व्यय

69712.30 करोड़ रूपए था तथा व्यय में कमी (वसूलियां) 2111.88 करोड़ रुपए था, परिणामस्वरूप व्यय में

21299.55 करोड़ रुपए (30.55 प्रतिशत) तथा व्यय में कमी में 544.28 करोड़ रुपए की सकल बचत हुई।

त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा सरकार में लोकऋण 2017-18 में 30377.45 करोड़ से बढ़कर 39030.01 करोड़

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हो गया, 28 प्रतिशत की लोकऋण में वृद्धि हुई। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश

नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि लंबित लेखा वाले सार्वजनिक उपक्रमों को बजटीय सहायता देने के औचित्य पर

भाजपा जवाब दें।

लंबित लेखों वाले सार्वजनिक उपक्रमों को बजटीय सहायता :

त्रिवेदी ने कहा कि राज्य शासन द्वारा 10 सार्वजनिक उपक्रमों को उस अवधि में जिसमें उनके लेखे 31 मार्च

2018 तक लंबित थे, 9463.02 करोड़ रुपए की बजटीय सहायता (अनुदान एवं आर्थिक सहायता) प्रदान की

तथा दायित्व (प्रतिभूति) स्वीकार किया। इन सार्वजनिक उपक्रमों ने कंपनी अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण

रूप से उल्लंघन करते हुए विगत 1 से 4 वर्षो के लखों को अंतिम रूप प्रदान नहीं किया गया। प्रदेश कांग्रेस के

महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अनुपयोगी अनुपूरक अनुदान व्यय

का 10 प्रतिशत कैसे पहुंचा? भाजपा सरकार ने वित्तीय अनुशासन की धज्जियां उड़ाई ​​हैं। अनुपयोगी अनुपूरक

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अनुदान – वर्ष 2017-18 के दौरान 7640.24 करोड़ रुपए का अनुपूरक अनुदान (कुल व्यय का 10 प्रतिशत)

प्राप्त किया गया। कुल अनुपूरक अनुदान में से 4181.65 करोड़ रुपए अनावश्यक सिद्ध हुआ यद्यपि वर्ष के अंत

में मूल आबंटन के विरूद्ध बड़ी बचत शेष रही थी।

 

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