टीआरपी डेस्क। आपके नाखूनों का रंग और उनकी बनावट केवल सुंदरता का पैमाना नहीं हैं, बल्कि ये आपके शरीर के आंतरिक अंगों की सेहत का आईना भी होते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, नाखूनों में होने वाले मामूली बदलाव लिवर, फेफड़ों और हृदय से जुड़ी गंभीर बीमारियों के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अक्सर लोग पोषण की कमी या शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। नाखूनों के इन संकेतों को समझकर स्थानीय निवासी एनीमिया (खून की कमी) और थायरॉइड जैसी समस्याओं का समय रहते पहचान कर उचित उपचार ले सकते हैं।
नाखूनों की स्थिति से जानें सेहत का हाल
नाखूनों का पीला पड़ना अक्सर फंगल इंफेक्शन का संकेत होता है, लेकिन यह डायबिटीज या लिवर की खराबी की ओर भी इशारा करता है। वहीं, अगर नाखूनों का रंग नीला या बैंगनी होने लगे, तो यह शरीर में ऑक्सीजन की कमी को दर्शाता है, जो फेफड़ों या दिल की समस्या का कारण हो सकता है।
यदि आपके नाखून चम्मच की तरह बीच से धंस रहे हैं, तो यह शरीर में आयरन की भारी कमी का स्पष्ट लक्षण है। इसके अलावा, नाखूनों पर दिखने वाली काली या भूरी लकीरें सबसे खतरनाक मानी जाती हैं, क्योंकि ये स्किन कैंसर का प्रारंभिक संकेत हो सकती हैं।



