IAS Gaurav Dwivedi Biography and Career Milestones.
Professional portrait of IAS Gaurav Dwivedi, reflecting his administrative experience and leadership

टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ कैडर के 1995 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी गौरव द्विवेदी प्रशासनिक हलकों में अपनी कार्यकुशलता और नवाचारों के लिए पहचाने जाते हैं। केंद्र और राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण पदों पर रहने के बाद, श्री द्विवेदी का नाम उन अधिकारियों में शुमार है जिन्होंने नीति निर्धारण में अहम भूमिका निभाई है। गौरव द्विवेदी ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और कोरबा जैसे बड़े जिलों के कलेक्टर के रूप में काम किया है। उनके कार्यकाल के दौरान जिले के बुनियादी ढांचे और जन-सुविधाओं में हुए सुधारों का लाभ आज भी जनता को मिल रहा है।

जन्म और उच्च शिक्षा

4 नवंबर 1972 को उत्तर प्रदेश में जन्मे गौरव द्विवेदी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत है

•             उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राणिशास्त्र (Zoology) में ग्रेजुएशन किया।

•             उच्च शिक्षा के लिए वे विदेश गए और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पॉलिटिकल साइंस में एमए (MA) की डिग्री हासिल की।

•             उन्होंने 4 सितंबर 1995 को भारतीय प्रशासनिक सेवा ज्वाइन की।

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प्रशासनिक सफर: केरल से छत्तीसगढ़ तक

गौरव द्विवेदी ने अपने करियर की शुरुआत केरल में सहायक कलेक्टर के रूप में की थी। शुरुआत में वे मध्य प्रदेश कैडर में थे, लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ कैडर चुन लिया।

प्रमुख पद और उपलब्धियां:

1.            कलेक्टर: छत्तीसगढ़ में उन्होंने न्यायधानी बिलासपुर और ऊर्जाधानी कोरबा के कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दीं।

2.            प्रमुख सचिव: वे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रमुख सचिव (Principal Secretary) जैसे अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण पद पर रहे।

3.            प्रधानमंत्री अवार्ड: उन्हें प्रशासन में उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रधानमंत्री अवार्ड (PM Award for Excellence) से सम्मानित किया जा चुका है।

4.            प्रसार भारती CEO: केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान वे भारत के सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की कमान संभाल चुके हैं।

शैक्षणिक योगदान

गौरव द्विवेदी का प्रशासनिक अनुभव इतना गहरा है कि वे मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में फैकल्टी के रूप में आईएएस प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग भी दे चुके हैं। साथ ही उन्होंने राज्य प्रशासन अकादमी के संचालक का पद भी संभाला है।

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व्यक्तिगत जीवन

उनकी पत्नी डॉ. मनिन्दर कौर द्विवेदी भी छत्तीसगढ़ कैडर की 1995 बैच की ही आईएएस अधिकारी हैं। मूलतः पंजाब की रहने वाली डॉ. मनिन्दर एमबीबीएस करने के बाद प्रशासनिक सेवा में आईं और वर्तमान में केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रही हैं।