शिवसेना के किया राज्यसभा से वाकआउट

नई दिल्ली। राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल.2019

पारित हो गया।सरकार के पक्ष में 117 व विपक्ष में 92 वोट पड़े। इसके साथ ही

अफगानिस्तान,बंग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले

हिंदू शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने का रास्ता साफ हो गया।

इससे पहले राज्यसभा में दोपहर 12 बजे नागरिकता संशोधन बिल पर बहस की

शुरुआत हुई। गृहमंत्री अमित शाह ने सभापति एम वैंकेया नायडू के समक्ष प्रस्ताव रखा।

जिसे सभापति के मंजूरी मिलने के बाद गृहमंत्री ने बहस को आगे बढ़ते हुए नागरिकता

संशोधन बिल पर सरकार का पक्ष रखा।

सलेक्ट कमेटी में भेजे जाने का प्रस्ताव खारिज

नागरिकता संशोधन बिल को सलेक्ट कमेटी में भेजे जाने के लिए विपक्ष की मांग पर

कराई गई वो​टिंग में प्रस्ताव में 124 मत नहीं पर और 99 हां के पक्ष पर पड़े। वहीं

शिवसेना के तीन सांसदों ने नागरिकता संशोधन बिल को सलेक्ट कमेटी में भेजे

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जाने के विरोध में संदन से बर्हिगमन कर दिया। इसके साथ यहीं पर सरकार

ने बड़ी जीत दर्ज कर ली।

टीएमसी का संशोधन प्रस्ताव खारिज

जिसके बाद संदन में प्रस्तावित 14 संशोधन प्रस्ताव पर वोटिंग हुई।

जिसके पक्ष में 124 और विपक्ष में 98 मत पड़े। टीएमसी का संशोधन

का प्रस्ताव खारिज हो गया। विपक्ष की ओर रखे गए अन्य 13 प्रस्ताव एक एक कर गिरते गए।

लोकसभा में पहले ही पास हो चुका है नागरिकता संशोधन बिल

बता दें इससे पहले नागरिकता संशोधन विधेयक को लोकसभा ने मंजूरी दे दी है।

इस बिल के पक्ष में 311 वोट पड़े, जबकि 80 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया।

अब इस बिल को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। पाकिस्तान, बांग्लादेश और

अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों को इस बिल में नागरिकता देने का प्रस्ताव है।

इस बिल में इन तीनों देशों से आने वाले हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई

समुदाय के शरणार्थियों को नागरिकता का प्रस्ताव है। लोकसभा में जेडीयू और

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एलजेपी जैसी सहयोगी पार्टियों ने बिल के पक्ष में वोट किया वहीं शिवसेना,

बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस जैसी गैर बीजेपी पार्टियों ने भी बिल के पक्ष

में ही वोट दिया।

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