नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन अभी भी जारी हैं। असम से

शुरू हुई हिंसक प्रदर्शन की आग अब पूरे देश में फैल चुकी है। इस दौरान प्रदर्शनकारी पब्लिक प्रॉपर्टी को

बहुत नुकसान पहुंचा चुके हैं और नुकसान अभी भी पहुंचा रहे हैं। इस बीच भारतीय रेलवे ने अपने नुकसान

का पूरा ब्यौरा जारी किया है।

 

इंडियन रेलवे की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं में रेलवे को

88 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इसमें 72 करोड़ रुपए का नुकसान तो सिर्फ ईस्टर्न (पूर्वी) रेलवे को हुआ है।

वहीं दक्षिण पूर्व रेलवे जोन में 13 करोड़ रुपये की संपत्ति और नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर जोन में 3 करोड़ रुपये

की संपत्ति क्षतिग्रस्त हुई है। आंलोदन के नाम पर नुकसान के मामले में साउथ-इस्टर्न रेलवे का खड़कपुर

इलाका है, जबकि नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे के असम के इलाकों में भी कई जगहों पर उपद्रवियों ने रेलवे प्रॉपर्टी

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को नुकसान पहुंचाया है।

 

उपद्रवियों से वसूली जाएगी नुकसान की भरपाई :

इस नुकसान भरपाई को लेकर रेलवे इस बात की दृढ़ है कि नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से ही वसूली

जाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मीडिया में आए फोटो और वीडियो और रेलवे के पास मौजूद

सबूतों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जाएगी। रेलवे का मानना है कि ऐसे मामलों में अज्ञात लोगों

के खिलाफ़ केस होने से केस कमजोर हो जाता है।

 

पश्चिम बंगाल में आती-जाती गाड़ियों पर हुआ था पथराव :

 

आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा नुकसान की खबर है।

बंगाल में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनों को सबसे ज्यादा निशाना बनाया था। आती-जाती गाड़ियों पर उपद्रवियों ने

पथराव किया था। गाड़ियों के शीशे तोड़े गए। इतना ही रेलवे स्टेशनों पर भी संपत्ति का नुकसान किया गया।

बता दें कि सरकार द्वारा लगातार शांति की अपील की जा रही है, लेकिन फिर भी पिछले पांच दिन से देश के

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कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन जारी हैं। हिंसक प्रदर्शनों से पब्‍लिक प्रॉपर्टी को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

 

CAA पर विरोध की काली सच्चाई,कौन जला रहा है देश | The Rural Press |

 

 

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