बेंगलुरू। कर्नाटक के पेजावर मठ के प्रमुख और पीएम मोदी के आध्यात्मिक गुरु स्वामी विश्वेश तीर्थ का रविवार

सुबह 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। सुबह साढ़े नौ बजे उन्होंने उडुप्पी में अंतिम सांस ली। नरेंद्र मोदी के

पहली बार पीएम बनने के बाद स्वामी तीर्थ उनसे मिलने दिल्ली गए थे और मोदी के दूसरे शपथ ग्रहण में भी शामिल

हुए थे।

 

पीएम मोदी ने उनसे गुरु पूर्णिमा के मौके पर आखिरी मुलाकात का जिक्र करते हुए निधन पर शोक जताया है।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट में लिखा- ”उडुपी श्री पेजावर मठ के श्री विश्वेश तीर्थ स्वामी उन लाखों लोगों के दिल और दिमाग

में हमेशा रहेंगे, जो उन्हें अपना मार्गदर्शक मानते हैं। वे सेवा और आध्यात्म के पुरोधा थे। वे एक न्यायपरक और

दयाभाव रखने वाला समाज बनाने के लिए निरंतर कार्यशील रहे। ओम शांति।”

राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा अंतिम संस्कार

येदियुरप्पा सरकार ने कहा है कि स्वामी विश्वेश तीर्थ का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। बताया

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जा रहा है कि 20 दिसंबर को सांस लेने में तकलीफ होने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। शनिवार को उनकी

तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी। रविवार सुबह ही पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी की दिग्गज नेता उमा भारती उनका हालचाल

जानने उडुपी पहुंची थीं।

शाम सात बजे होगा अंतिम संस्कार

उडुपी के विधायक रघुपति भट ने कहा कि उनके पार्थिव शरीर को रविवार को अजराकाडू महात्मा गांधी मैदान में दोपहर

तीन बजे से अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। सीएम बीएस येदुरप्पा भी इसमें शामिल होंगे। अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के बाद उनके शव को हेलिकॉप्टर से बेंगलुरू ले जाया जाएगा जहां कई राष्ट्रीय नेता उन्हें बेंगलुरू के नेशनल

कॉलेज में अंतिम श्रद्धांजलि देंगे। शाम तकरीबन सात बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

 

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