रायपुर। डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के टेलीमेडिसीन हॉल में साइंटिफिक कमेटी एवं मेडिकल एजुकेशन यूनिट द्वारा “स्टेटिकल साइंस एंड हैंडस ऑन” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें सभी विभागाध्यक्षों एवं विभाग के चिकित्सा शिक्षकों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। इस वर्कशॉप में मुख्य वक्ता के तौर पर प्रदीप चौरसिया और स्वप्निल सिनकर रहे। इन्होंने एसपीएस और पीएसपी सॉफ्टवेयर व स्टेटिकल टेस्ट को उपयोग करने के तरीकों के बारे में बताया।

कार्यशाला की जानकारी देते हुए डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि मेडिकल एजुकेशन में रिसर्च यानी शोध का बहुत महत्व है। रिसर्च के लिए आंकड़ों का संकलन, संग्रहण और विश्लेषण के लिये सॉफ्टवेयर का उपयोग जरूरी हो जाता है। इस कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सकों तथा चिकित्सा छात्रों के बीच आंकड़ों का विश्लेषण तथा अनुप्रयोग पर जानकारी प्रदान करना है। आंकड़ों का विश्लेषण करते समय कई बार समस्या का सामना करता है इसलिए हैंड्स ऑन यानी हाथों-हाथों समस्या का समाधान करने के लिए इस वर्कशॉप का आयोजन किया गया है।

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चिकित्सकीय शोध प्रकिया में महत्वपूर्ण है डाटा विश्लेषण

 

 

चिकित्सकीय शोध प्रकिया में आकड़ों का समायोजन तथा इस प्रक्रिया में बरतने वाली सावधानियों के बारे में प्रमुख वक्ता स्टेटिकल सांइस प्रदीप चौरसिया ने बताया। वहीं स्वप्निल सिनकर ने इसमें एमएस एक्सेल, एसपीएस और पीएसपी सॉफ्टवेयर के जरिए आंकड़ों के विष्लेषण के अभ्यास पर जोर दिया। इस कार्यशाला में भाग ले रहे चिकित्सकों ने बताया कि उनको इस कार्यशाला से काफी सीखने को मिला। इसके माध्यम से रिसर्च पेपर के डाटा एनालिसिस में काफी सहायता मिलेगी। इस वर्कशॉप में डॉ. तृप्ति नागरिया, डॉ. प्रतिभा जैन शाह, डॉ. हंसा बंजारा, डॉ. वर्षा मुंगुटवार, डॉ. रूचि किशोर गुप्ता, डॉ. ज्योति जायसवाल, डॉ. आरएल खरे, डॉ. आनंद जायसवाल, डॉ. संतोष सिंह पटेल, डॉ. ओंकार खण्डवाल, समेत समस्त विभाग के डॉक्टरों ने भाग लिया।

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