राज्यपाल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह में किया ध्वजारोहण,ली परेड की सलामी

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने आज यहां पुलिस परेड ग्राउंड में 71वें गणतंत्र दिवस के अवसर आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली।

राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज का दिन हम सभी भारतवासियों के लिए अपार गौरव का है। जिन मनीषियों एवं महान नेताओं के कारण भारत को विश्व का सर्वश्रेष्ठ संविधान मिला, आज उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है।

छत्तीसगढ़ के जन-जन का अभिवादन

राज्यपाल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर नेहरू, प्रथम विधि मंत्री बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को विशेष तौर पर याद करते हुए भारत को आजादी दिलाने के लिए त्याग और बलिदान करने वाले सभी भारतवासियों, शहीदों और पुरखों को भी नमन किया।

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साथ ही देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों, अपनी अमिट आस्था से संविधान के अनुसार देश को चलाने में सहयोग करने वाले महानुभावों को भी नमन किया। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान की प्रस्तावना ‘हम भारत के लोग’ से शुरू होती है, अर्थात गणतंत्र में गण का सर्वाधिक महत्व है।

राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ के जन-जन का अभिवादन किया, जिनके कारण छत्तीसगढ़ प्रदेश का विकास और यश लगातार बढ़ रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि आज इस महान राष्ट्रीय त्यौहार के अवसर पर हमें संविधान निर्माता डॉ. अम्बेडकर की अपेक्षाओं और कसौटियों पर भी गौर करना होगा। उन्होंने कहा था- संविधान चाहे कितना भी अच्छा क्यों न हो लेकिन जिन्हें संविधान को अमल में लाने का काम सौंपा जाए, वे यदि कसौटी पर खरे न उतरें तो संविधान भी गलत सिद्ध हो जायेगा।

उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि हम अपने संविधान के अनुरूप समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समानता दिलाने के लिए एक बार फिर अपना संकल्प दोहराएं, व्यक्ति की गरिमा, राष्ट्र की एकता व अखण्डता सुनिश्चित करने के लिए पूरे मनोयोग से कार्य करें।

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उन्होंने कहा कि आज यह कहते हुए बेहद खुशी हो रही है कि मेरी सरकार ने विगत वर्षों में ऐसी नई पहल की है, जिसके कारण प्रत्येक नागरिक को समान अवसर और न्याय मिलने का विश्वास हुआ है।

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