टीआरपी डेस्क। हर कोई कहता है कि हंसना चाहिए, यह सेहत के लिए अच्छा होता है। मगर, इंडियाना की रहने वाली 15 साल की एक लड़की जॉर्डन कूमर के लिए हंसना किसी मुसीबत से कम नहीं है। वह जैसे ही हंसती या मुस्कुराती है, गिर पड़ती है।

दरअसल, इसकी वजह से उसकी मांसपेशी में अचानक पैरालिसिस यानी पक्षाघात होता है। उनका शरीर जकड़ जाता है, लेकिन दिमाग अभी भी सक्रिय रहता है।

हालांकि, इसकी वजह से जॉर्डन को जमीन पर गिरे किसी टुकड़े, नुकीले पत्थर या धारदार चीज के लगने का खतरा रहता है। यह असामान्य बीमारी है, जिसे कैटैप्लेक्सी कहा जाता है।

इसके अलावा वह नार्कोलेप्सी से भी पीड़ित हैं, जो कि एक मस्तिष्क विकार है और जिसके व्यक्ति दिन में कई बार बेतरतीब ढंग से सो जाता है। डॉक्टरों ने रिकॉर्ड किया है कि जॉर्डन हर दो घंटे में करीब 20 मिनट की झपकी लेती हैं।

यह कभी भी हो सकता है, फिर चाहें वह खाना खा रही हों, या क्लास में हों। एक वायरल संक्रमण से नार्कोलेप्सी शुरू हो सकती है। जॉर्डन बताती हैं कि उन्हें इस बीमारी का पता चलने से एक साल पहले फरवरी 2016 में एक सप्ताह तक गले में संक्रमण होने की बात याद है। इन दोनों ही गंभीर और दुर्लभ बीमारियों ने जॉर्डन को अपनी गिरफ्त में ले लिया था।

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इंडियाना की रहने वाली जॉर्डन ने कहा बीमारी के साथ ताल-मेल बिठाने में काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा है। हालांकि, समय के साथ मैंने इसे स्वीकार कर लिया और अपना लिया कि ये मेरी जिंदगी का हिस्सा है।

वह कहती हैं कि पहले तो मैं बहुत परेशान रहती था और मुझे अभी यह पता नहीं लगा है कि यह मुझे ही क्यों हुई है। हालांकि, वह कहती हैं कि इन सबके बावजूद मैं खेलती हूं, घुड़सवारी करती हूं और अपने दोस्तों के साथ बाहर घूमने जाती हूं।

यह बीमारी मेरी जिंदगी को रोक नहीं सकती है। मेरे सपने हैं और मैं बहुत कुछ करना चाहती हूं। हालांकि, यह भी सच है कि मुझे एक बीमारी है, जो आखिर में मेरे जीवन के बाकी हिस्सों को भी प्रभावित करेगी।

नार्कोलेप्सी से पीड़ित लोगों में दिन के समय अत्यधिक बेकाबू नींद आती है क्योंकि वे अपने सोने और जागने के चक्र को नियंत्रित नहीं कर सकते हैं। इस समस्या से ब्रिटेन में करीब 22,500 और अमेरिका में 2,000 लोग प्रभावित हैं। हालांकि, नार्कोलेप्सी बीमारी होने का सही कारण स्पष्ट नहीं है।

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