शाह-केजरी की बैठक में पीस कमेटी दोबारा सक्रिय करने का फैसला

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के मुद्दे पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन पथराव और आगजनी हुई। उपद्रवियों ने मौजपुर मेट्रो स्टेशन, भजनपुरा और ब्रह्मपुरी इलाके में फिर से पत्थरबाजी की, गोकलपुरी में फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों समेत कई वाहनों में आग लगाई।

इससे पहले सोमवार रात 3 बजे तक उत्तर-पूर्वी दिल्ली में आग लगने की 45 कॉल आईं। इससे पहले जाफराबाद और मौजपुर इलाके में सोमवार को हिंसक झड़पों में हेड कॉन्स्टेबल समेत 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 150 लोग जख्मी हैं।

जाफराबाद और मौजपुर इलाके में पिछले तीन दिन हुई हिंसा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपराज्यपाल अनिल बैजल और पुलिस के आला अधिकारी शामिल हुए।

गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इसमें केजरीवाल भी शामिल हुए।

इस दौरान दिल्ली में पीस कमेटी को फिर से सक्रिय करने पर फैसला हुआ। केजरीवाल ने बताया कि गृह मंत्री ने हालात सामन्य करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया है। सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है।

उधर, हिंसक घटनाओं को लेकर एक्टिविस्ट हर्ष मंदार ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर भड़काऊ बयान देने वाले नेताओं पर कार्रवाई की मांग की। इस मामले में बुधवार को सुनवाई होगी।

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तीसरे दिन भी हिंसा की घटनाएं, अब तक 8 की मौत

उपद्रवियों ने मंगलवार सुबह मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास और ब्रह्मपुरी इलाके में फिर से पत्थरबाजी की, एक फायर ब्रिगेड को आग के हवाले कर दिया। इससे पहले सोमवार को जाफराबाद और मौजपुर इलाके में सीएए विरोधी और समर्थक गुट आमने-सामने आ गए थे।

यहां कबीर नगर और कर्दमपुरी की तरफ से पथराव होने लगा। हजारों की भीड़ को संभालना पुलिस के लिए चुनौती बन गया, सैकड़ों की संख्या में आंसू गैस के गोले दागे। हिंसा में हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल समेत 8 लोगों की मौत हो गई।

मरने वाले नागरिकों के नाम शाहिद, मोहम्मद फुरकान, राहुल सोलंकी, नजीम, विनोद हैं, जबकि दो की पहचान नहीं हो पाई। 42 साल के विनोद की उसके बेटे मोनू के सामने पत्थर लगने से मौत हुई, जबकि मोनू भी इसमें घायल हुआ है। शहादरा के डीसीपी अमित शर्मा, एसीपी अनुज कुमार और दमकल कर्मियों समेत 150 लोग घायल हुए। पुलिस ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन कई इलाकों में तनाव है।

बुजुर्ग ने भीड़ के सामने हाथ दोनों जोड़े तब घर जा पाया

भजनपुरा और यमुना विहार के लोगों ने इलाके का माहौल बयां किया। एक बुजुर्ग ने न्यूज एजेंसी को बताया, ”मैं गंगाराम अस्पताल से लौट रहा था, वहां मेरा पोता भर्ती है। सोमवार रात को घर पहुंचना बहुत कठिन था। रास्ते में मुझे कुछ लोग खड़े मिले। मैंने उनसे दोनों हाथ जोड़कर जाने के लिए कहा।” वहीं, भजनपुरा के स्थानीय लोगों ने कहा कि इलाके में पुलिस केवल मेन रोड पर थी। अंदरुनी गलियों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। पुलिस की मौजूदगी में उग्र भीड़ बाजार की ओर बढ़ती गई और पुलिस कुछ नहीं कर पाई। करीब 200 उपद्रवियों ने एक घर को घेरकर तोड़फोड़ की, लेकिन पुलिस मदद के लिए नहीं आई।

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पुलिस ने वक्त रहते एक्शन नहीं लिया, ऑर्डर का इंतजार करते रहे: केजरी

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने हिंसक घटनाओं पर चर्चा के लिए मंगलवार को सभी 70 विधायकों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि हिंसा प्रभावित इलाकों में पुलिसबल की कमी है। विधायकों ने उन्हें बताया कि पुलिस ने वक्त पर कार्रवाई नहीं की, वे आला अधिकारियों के निर्देशों का इंतजार करते रहे।

कई लोग दिल्ली में दूसरे राज्यों से आए थे। हिंसा में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए दिल्ली के बॉर्डर को सील करने की जरूरत है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं।

हिंसा को लेकर कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाने की तैयारी

ट्रम्प की यात्रा के दौरान दिल्ली में भड़की हिंसा से कांग्रेस चिंतित है। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी सोमवार रात ही बयान जारी कर लोगों से शांति बनाने की अपील कर चुकी हैं। कानून-व्यवस्था पर चर्चा के लिए आज कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुला सकती है।

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साथ ही ट्रम्प की विदाई बाद कांग्रेस नेता बुधवार को राजघाट या संसद भवन स्थित गांधी प्रतिमा के सामने सांकेतिक उपवास कर शांति बहाली की अपील कर सकते हैं। दिल्ली के घटनाक्रम को लेकर सोनिया खुद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत सभी वरिष्ठ नेताओं से संपर्क में हैं।

टकराव शनिवार को हुआ, रविवार को पहली बार हिंसा भड़की

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में टकराव की शुरुआत शनिवार शाम को हुई थी, जब जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे की सड़क पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटने लगे। इनमें ज्यादातर महिलाएं थीं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शाहीन बाग की तरह हम यहां से भी नहीं हटने वाले। लेकिन पुलिस वहां से तिरपाल और तख्त उठाकर ले गई थी।

पूर्वी दिल्ली के मौजपुर में भी प्रदर्शनकारियों ने एक सड़क बंद कर रखी थी। रविवार को यहां पहली बार हिंसा भड़की। विवाद तब शुरू हुआ, जब भाजपा नेता कपिल मिश्रा अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे और सड़क खुलवाने की मांग काे लेकर सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा पढ़ने लगे।

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