रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर राजधानी के लोगों ने 22 मार्च को ठीक 5 बजे अपने घर के दरवाजे, खिड़की के पास या बालकनी में खड़े होकर 5 मिनट तक ताली, थाली, घंटी और शंख बजाया। ऐसा कर राजधानी रायपुर के लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में जुटे डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, मीडियाकर्मियों को धन्यवाद अर्पित किया।

आनंदम वर्ल्ड सिटी कचना में बच्चों ने कोरोना वॉरियर्स का किया सम्मान

जनता कर्फ्यू के बीच शाम 5 बजते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। जोर-जोर से थाली, ताली, घंटी और शंखनाद के साथ ऐसे लोगों का सम्मान किया जो अपनी जान की परवाह किए बगैर कोरोना के खिलाफ आम लोगों की सेवा में लगे हैं। लोग अपनी छतों, बालकनी पर बैठ कर तालियां बजाते रहे। बच्चों ने भी कोरोना के खिलाफ थाली बजाते हुए रैली निकाली।

भारत में अबतक 7 पीड़ितों की मौत

आपको बता दें कि चीन से शुरू हुआ कोरोना वायरस देश में तेजी से पांव पसार रहा है। तेजी से फैलते इस वायरस से पीड़ितों की संख्या देश में अब तक 370 तक पहुंच चुकी है। साथ ही 7 पीड़ितों की मौत हो चुकी है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस की महामारी को विश्वयुद्ध से भी भयानक बताया और देशवासियों को खुद के साथ ही अन्य लोगों के भी बचाव का मंत्र दिया। उन्होंने 22 मार्च, रविवार को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू का ऐलान किया। जिसका समर्थन पूरे छत्तीसगढ़ ने किया।

प्रधानमंत्री ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का आह्वान किया और कहा कि कोरोना वायरस की वैक्सीन भी नहीं आई है, ऐसे में बचाव ही उपाय है। उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग को जरूरी बताते हुए सलाह दी कि 65 साल से अधिक उम्र के व्यक्ति घर से न निकलें। पीएम मोदी देशवासियों को आश्वस्त किया कि दूध, दवा और खाने-पीने की वस्तुओं की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सरकार कदम उठा रही है।

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