श्रीगंगानगर (असीजा)। प्रदेश के आबूरोड में स्थित ब्रह्माकुमारीज संस्थान की मुख्य प्रशासिका दादी जानकी के देहावसान के बाद ब्रह्माकुमारीज संस्थान की मैनेजमैंट कमेटी ने फैसला लिया है। संस्थान का नेतृत्व संस्थान की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका दादी हृदयमोहिनी करेंगी। इसके साथ ही संस्थान की संयुक्त मुख्य प्रशासिका दादी रतनमोहिनी को अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका बनाया गया है। संयुक्त मुख्य प्रशासिका ईशू दादी को बनाया गया है।

संस्था के जनसंपर्क अधिकारी कोमल ने बताया कि दादी हृदयमोहिनी पर संस्थान के व्यापार एवं उद्योग प्रभाग तथा सांस्कृतिक प्रभाग के अध्यक्ष का भी दायित्व है। दादी का जन्म 1 जुलाई, 1926 हैदराबाद पाकिस्तान के सिंध में हुआ था। वह संस्थान में 9 वर्ष की उम्र में ही आ गई थीं। वह माऊंट आबू आने से पहले उत्तर प्रदेश के लखनऊ तथा दिल्ली में भी ईश्वरीय सेवाएं करती रही हैं। इनको दिव्य दृष्टि का वरदान है।

वह ईश्वरीय संवाहक तथा परमात्मा मिलन भी कराती रही हैं। इन्हें संदेशी भी कहा जाता है। इनके बचपन का नाम शोभा था परन्तु संस्थान में आने के बाद प्रजापिता ब्रह्मा बाबा ने इनका नाम गुलजार रखा लेकिन जब ईश्वरीय अवतरण प्रारम्भ हुआ तो इनका नाम दादी हृदयमोहिनी पड़ा।

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