रायपुर। कोरोना वायरस का कहर जारी है और पूरे देश व प्रदेशभर में लॉकडाउन के चलते लोग अपने-अपने घरों में दुबके हुए हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप चल रहा है। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर कोरोना से निपटने के मामले में राज्य सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े किए थे।

इसका तीखा जवाब मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रूचिर गर्ग ने डॉ. सिंह को दिया है। उन्होंने कोरोना के खिलाफ केंद्र के कामकाज पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि देश में राज्य सरकारें अपने सीमित संसाधनों के दम पर ही कोरोना से मुकाबला कर रही हैं। केंद्र सरकार ने इस पर क्या सहयोग किया है।

उन्होंने डॉ. रमन सिंह के पत्र की शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सामंती किस्म का आभास देती है। किसान परिवार के मुख्यमंत्री को लिखी गई यह चिट्ठी हर छत्तीसगढ़िया को खटकेगा। श्री गर्ग ने केंद्र सवाल पर सवाल करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए जाने वाले दान को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) में शामिल नहीं माना है।

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ऐसा क्य इसलिए कि लोग सिर्फ पीएम केयर्स फंड में दान देते रहें और राज्य सरकारें दानदाताओं को तरसें। उन्होंने कहा कि संकट के समय देश-प्रदेश के बड़े उद्योगपति, व्यावसायिक घराने राज्य सरकारों को बड़ी मदद कर सकते हैं,

लेकिन ऐसा लगता है कि सभी को निर्देश हैं कि वे सिर्फ पीएम केयर्स फंड में ही दान दें। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि यहां तक भाजपा सांसदों ने सांसदनिधि का पैसा भी राज्य के सहायता कोष में देने से परहेज किया है।

श्री गर्ग ने डॉ. सिंह से कहा है कि आप भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। आपसे आग्रह है कि आप केंद्र सरकार को इस बात के लिए राजी करें कि मुख्यमंत्री सहायता कोष या राज्य राहत कोष में दिए जाने वाले दान को कार्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी में शामिल किया जाए।

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