रायपुर। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे के आदेश पर के बीज निगम छत्तीसगढ़ द्वारा निकाला गया 1 करोड़ की इएमडी वाला टेंडर निरस्त कर दिया है। जिसके बाद इस प्रतिस्पर्धा में छोटी कंपनियों के लिए रास्ता खुल गया है। दरअसल पिछले दो सालों से बीज निगम विभाग में क्रय नियमों का उल्लंघन देखने मिल रहा था।

क्या था मामला

बीज निगम ने भंडार ने  क्रय नियम को तोड़कर रेट कांट्रेक्ट का टेंडर जारी किया था। जिसमें तीन सामान खाद, बीज व कीेटनाशक की खरीदी पर कंपनी को एक करोड़ रुपए की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट करनी होगी। जबकि पहले यह राशि महज एक लाख रुपए थी। इस प्रकार रेट कांट्रेक्ट के आधार पर बढ़ी हुई राशि से छोटी कंपनियों के लिए समस्या खड़ी हो गई थी। जिसके बाद इस मामले को सोशल एक्टिविस्ट उचित शर्मा द्वारा कृषि मंत्री रविंद्र चौबे के संज्ञान में लाया गया। जिसके बाद कृषि मंत्री के आदेश पर टेंडर निरस्त किया गया।

See also  जानिए किन-किन राज्यों में फरवरी से खुलने जा रहे हैं स्कूल और कॉलेज

क्या है भंडार क्रय नियम

बीज निगम द्वारा जारी टेंडर में अर्नेस्ट मनी 1 करोड़ 17 लाख, 75 व 48 लाख रुपए तक का रखा गया था। जबकि भंडार क्रय नियम के अनुसार अर्नेस्ट मनी कुल टर्न ओवर के दो प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। मिली जानकारी के अनुसार यह खेल बीज निगम में दो सालों से चल रहा है। जिस कंपनी से कमीशन अधिक मिलने की संभावना होती है, उसी कंपनी को टेंडर दे दिया जाता था।

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें 

Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें  और Youtube  पर हमें subscribe करें।