टीआरपी न्यूज/रायपुर/कोटा/जयपुर। राजस्थान की कोचिंग सिटी कोटा के दो काेरोना हॉटस्पॉट में अब तक 97 लोगों में कोविड-19 संक्रमण फैल चुका है और लॉकडाउन के चलते यहां इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने आए हजारों स्टूडेंट्स यहीं अटक गए हैं। पिछले 24 घंटे में 1 एक स्टूडेंट समेत 12 लोगों को यहां कोरोना की पुष्टि होने के बाद देशभर में अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि कोचिंग सिटी कोटा में छत्तीसगढ़ के करीब 5 सौ छात्र कोचिंग ले रहे हैं जो लॉकडाउन के दौरान वहां फंसे हुए हैं।

इस बीच लॉकडाउन में फंसे स्कूली बच्चों को सुरक्षित अपने घरों तक पहुंचाने में छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने सभी पालकों आग्रह किया है कि कोटा से आना चाह रहे बच्चों के पालक अपने जिले के कलेक्टर या जिले के कन्ट्रोल रूम में आवेदन/जानकारी दें ताकि बच्चों की उचित व्यवस्था की जा सके। छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देश पर संचालित राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम द्वारा यह आग्रह किया गया है।

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केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुमोदन का इंतजार

 इस पूरे मसले को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पूरी तरह गंभीर हैं। राज्य सरकार ने इस मसले को लेकर कोटा जिला प्रशासन से भी जानकारी ली है। खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस मसले को लेकर संपर्क में हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इन बच्चों की वापसी जल्द और सुरक्षित तरीक़े से सुनिश्चित कराने की क़वायद में हैं। कोविड-19 संक्रमण के चलते राज्यों के बीच यात्री परिवहन के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की अनुमति जरुरी है। खबर है कि मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास राज्य सरकार ने भेज दिया है। अब राज्य सरकार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुमोदन का इंतज़ार है।

उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि हम पूरी संवेदनशीलता से उन बच्चों को लाने की क़वायद में जुटे हैं। हमें केंद्रीय गृह मंत्रालय से दिशानिर्देश और अनुमोदन का इंतज़ार है। केंद्रीय गृह मंत्रालय से निर्देश मिलते ही कोटा से छात्र-छात्राओं को लाने का काम शुरू कर देंगे।

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